उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर एनडीए में सीट बंटवारे की चर्चा तेज हो गई है। इसी बीच लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) और बीजेपी के बीच सीट शेयरिंग को लेकर अहम जानकारी सामने आई है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, सूत्रों का दावा है कि चिराग पासवान की पार्टी के लिए करीब 10 विधानसभा सीटों पर बात लगभग तय हो गई है। हालांकि, अभी इसे औपचारिक घोषणा नहीं माना जा सकता।
चिराग पासवान की पार्टी को मिल सकती हैं 10 सीटें
सूत्रों के मुताबिक, लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) उत्तर प्रदेश में एनडीए के तहत करीब 10 सीटों पर चुनाव लड़ सकती है। पार्टी की ओर से यूपी में संगठन विस्तार और चुनावी तैयारियां पहले से चल रही हैं। LJP (रामविलास) के नेताओं की नजर खास तौर पर दलित और युवा मतदाताओं के बीच संगठन को मजबूत करने पर है। हालांकि, सीटों की अंतिम सूची और किन विधानसभा क्षेत्रों में पार्टी उम्मीदवार उतारेगी, इसकी आधिकारिक जानकारी अभी सामने नहीं आई है।
यूपी में संगठन मजबूत करने में जुटी LJP
चिराग पासवान की पार्टी ने उत्तर प्रदेश में अपनी राजनीतिक गतिविधियां बढ़ाई हैं। चिराग पासवान पहले ही कह चुके हैं कि उनकी पार्टी यूपी विधानसभा चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है। जुलाई 2026 में उन्होंने कहा था कि चुनाव में उतरने, गठबंधन के स्वरूप और सीटों की संख्या को लेकर अंतिम फैसला पार्टी की प्रक्रिया के तहत लिया जाएगा। उस समय उन्होंने यूपी में संगठन को मजबूत करने की बात भी कही थी।
27 सितंबर को प्रयागराज जाएंगे चिराग पासवान
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, चिराग पासवान 27 सितंबर को प्रयागराज पहुंचेंगे। पार्टी की ओर से यूपी के अलग-अलग हिस्सों में कार्यक्रमों के जरिए संगठन और जनसंपर्क बढ़ाने की तैयारी की जा रही है। LJP (रामविलास) की कोशिश उत्तर प्रदेश में अपनी राजनीतिक मौजूदगी बढ़ाने की है। पार्टी इससे पहले भी राज्य में चुनावी गतिविधियों को लेकर अपनी तैयारी का संकेत दे चुकी है।
LJP के लिए यूपी क्यों अहम?
चिराग पासवान की LJP (रामविलास) का पारंपरिक राजनीतिक आधार मुख्य रूप से बिहार में रहा है। अब पार्टी उत्तर प्रदेश में भी संगठन का विस्तार करना चाहती है। सितंबर की रिपोर्टों के मुताबिक, पार्टी यूपी और पंजाब दोनों राज्यों में आगामी विधानसभा चुनावों के लिए एनडीए के साथ सीट शेयरिंग की संभावना पर काम कर रही है।
अभी आधिकारिक घोषणा का इंतजार
10 सीटों का आंकड़ा फिलहाल सूत्रों के हवाले से सामने आया है। बीजेपी और LJP (रामविलास) की ओर से सीटों की अंतिम सूची या प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र का औपचारिक ऐलान अभी नहीं किया गया है। इसलिए इसे संभावित सीट शेयरिंग फॉर्मूला माना जा रहा है, न कि अंतिम समझौता।