श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर में कांग्रेस और उसकी सहयोगी पार्टी नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) के बीच वंदे मातरम के पूरे वर्जन को लेकर राजनीतिक विवाद बढ़ गया है। कांग्रेस ने पूरे गीत के गायन पर सवाल उठाते हुए इसे देश की विविधता और धर्मनिरपेक्ष परंपरा से जोड़ा, जबकि NC ने कांग्रेस के रुख का विरोध किया है। विवाद के बीच BJP ने मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और NC के रुख की सराहना की है। PDP ने भी इस मामले में संविधान में मिली अंतरात्मा और धार्मिक स्वतंत्रता का हवाला दिया है।
केसी वेणुगोपाल ने पूरे वर्जन पर उठाए सवाल
कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा कि वंदे मातरम के पूरे वर्जन का गायन उस समावेशी और विविधतापूर्ण सोच से मेल नहीं खाता, जिसे स्वतंत्रता आंदोलन के नेताओं ने आगे बढ़ाया था। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान गीत के छोटे वर्जन को अपनाने के पीछे उद्देश्य यह था कि इसे सांप्रदायिक विवाद का विषय न बनाया जाए। वेणुगोपाल ने कांग्रेस के सहयोगी दलों से इसी परंपरा और सोच का सम्मान करने की अपील की।
तारिक कर्रा ने भी कांग्रेस के रुख का समर्थन किया
जम्मू-कश्मीर कांग्रेस अध्यक्ष तारिक हमीद कर्रा ने भी पार्टी के रुख का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय प्रतीकों और गीतों का सम्मान तभी मजबूत होता है, जब वे देश की विविधता को साथ लेकर चलें। कर्रा ने कहा, “राष्ट्रीय प्रतीकों का सम्मान तब बढ़ता है जब वे भारत की विविधता को अपनाते हैं, न कि तब जब विविधता से उन्हें अपनाने के लिए कहा जाता है।” उन्होंने इसे देशभक्ति से ज्यादा संविधान की उस सोच से जोड़कर देखा, जिसके तहत विविधता वाले देश में राष्ट्रभक्ति की अभिव्यक्ति होती है।
NC ने कांग्रेस के रुख का किया विरोध
नेशनल कॉन्फ्रेंस ने कांग्रेस के इस रुख पर आपत्ति जताई। पार्टी के मुख्य प्रवक्ता तनवीर सादिक ने कहा कि NC का रुख स्पष्ट है—जो वंदे मातरम गाना चाहता है, वह गाए और जो नहीं गाना चाहता, उस पर दबाव नहीं होना चाहिए। हालांकि उन्होंने कहा कि यदि संसद ने इससे संबंधित कोई कानून पारित किया है, तो सरकारी कार्यक्रमों में उसका पालन किया जाना चाहिए। तनवीर सादिक ने कांग्रेस से सवाल किया कि जब अन्य राज्यों में कांग्रेस की सरकारों के दौरान वंदे मातरम का पूरा वर्जन गाया गया, तब इस मुद्दे को क्यों नहीं उठाया गया।
BJP ने उमर अब्दुल्ला के रुख की तारीफ की
विवाद के बीच BJP ने NC के रुख का स्वागत किया। पार्टी प्रवक्ता अल्ताफ ठाकुर ने मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और NC अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला के वंदे मातरम के दौरान सम्मान में खड़े होने को महत्वपूर्ण बताया। ठाकुर ने इसे कांग्रेस के लिए राजनीतिक संदेश बताते हुए कहा कि जम्मू-कश्मीर में “भारत विरोधी नीतियां काम नहीं करेंगी।” उन्होंने कांग्रेस पर राष्ट्रीय प्रतीकों को लेकर असहज रुख अपनाने का आरोप लगाया।
PDP ने संविधान का दिया हवाला
PDP के मुख्य प्रवक्ता सैयद तजामुल इस्लाम ने कहा कि संविधान व्यक्ति को धर्म और अंतरात्मा की स्वतंत्रता देता है। उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति के वंदे मातरम के दौरान खड़े होने या बैठे रहने से उसकी देशभक्ति तय नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा, “गाने के दौरान खड़े होने या बैठे रहने से यह तय नहीं होता कि कोई देशभक्त है या देशद्रोही।” PDP ने सरकारी कार्यक्रमों में सम्मान के तौर पर खड़े होने की परंपरा का जिक्र करते हुए व्यक्तिगत स्वतंत्रता के अधिकार पर भी जोर दिया।
उमर और फारूक अब्दुल्ला वंदे मातरम के दौरान खड़े दिखे
कांग्रेस के बयान के बाद मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और NC अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला एक कार्यक्रम में वंदे मातरम के दौरान सम्मान में खड़े दिखाई दिए। इसके बाद कांग्रेस और NC के बीच इस मुद्दे पर मतभेद और ज्यादा चर्चा में आ गए।
INDIA गठबंधन में मतभेद सामने आए
वंदे मातरम के पूरे वर्जन को लेकर शुरू हुआ विवाद अब जम्मू-कश्मीर में कांग्रेस और NC के बीच राजनीतिक मतभेद का नया मुद्दा बन गया है। कांग्रेस इसे स्वतंत्रता आंदोलन की समावेशी और धर्मनिरपेक्ष परंपरा से जोड़ रही है, जबकि NC सरकारी कार्यक्रमों में कानूनी प्रावधानों के पालन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के बीच संतुलन की बात कर रही है। इस पूरे विवाद ने INDIA गठबंधन के भीतर भी मतभेदों को उजागर कर दिया है।