उत्तर प्रदेश के वाराणसी में होली के त्योहार के बीच एक दर्दनाक घटना सामने आई, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। कछवांरोड चौराहा के पास बुधवार देर रात एक चाट विक्रेता ने फांसी लगाकर अपनी जान दे दी। घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया और इलाके में शोक की लहर दौड़ गई।
मृतक की पहचान 36 वर्षीय संदीप मोदनवाल के रूप में हुई है, जो मिर्जामुराद थाना क्षेत्र के कछवांरोड (ठटरा) गांव का रहने वाला था। संदीप ठेले पर चाट और गोलगप्पे की दुकान लगाकर अपने परिवार का भरण-पोषण करता था। बताया जा रहा है कि वह पिछले कुछ दिनों से किसी बात को लेकर तनाव में था, हालांकि आत्महत्या की असली वजह अभी स्पष्ट नहीं हो सकी है।
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। थानाप्रभारी प्रमोद पांडेय, कछवांरोड चौकी प्रभारी रामचन्द्र यादव और फोरेंसिक टीम ने मौके का निरीक्षण किया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।
परिजनों के अनुसार, संदीप अपनी पत्नी को ससुराल से लेकर घर लौटा था। देर रात वह पत्नी और बच्चों के साथ कमरे में सो गया। इसी दौरान वह कमरे से सटे किचन में गया और वहां कुर्सी पर खड़े होकर पंखे की कुंडी से गमछे के सहारे फांसी लगा ली।
सुबह जब उसकी पत्नी अंजली किचन में पहुंची तो पति को फंदे से लटकता देख चीख पड़ी। शोर सुनकर परिजन और आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और संदीप को नीचे उतारा, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।
मृतक अपने पीछे पत्नी अंजली, 13 वर्षीय बेटा यश और 8 साल की बेटी परी को छोड़ गया है। इस घटना से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है और घर में मातम का माहौल है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और आत्महत्या के कारणों का पता लगाने की कोशिश कर रही है।








