Gujarat News : हमारे देश में आज भी लोग ‘डायन’ और तांत्रिकों में अंधविश्वास करते हैं। इस अंधविश्वास के कारण ना जाने अब तक कितनी जिंदगियां बलि चढ़ा दी गई हैं, और आज भी कहीं-कहीं से ऐसी खबर सामने आ ही जाती है। हाल ही का मामला गुजरात के साबरकांठा जिले का है जहां एक महिला को डायन समझकर भीड़ ने उस पर हमला कर दिया। हालांकि इस हमले में महिला नहीं बल्कि उसे बचाने आए उसके पति को अपनी जान गंवानी पड़ी।
यह मामला विजय नगर तालुका स्थित गदिवकड़ा गांव की है। जहां एक हंसते-खेलते परिवार पर भीड़ ने जानलेवा हमला कर दिया। अपनी पत्नी को भीड़ के गुस्से से बचाने की कोशिश में एक व्यक्ति को अपनी जान गंवानी पड़ी, जबकि परिवार के दो अन्य सदस्य गंभीर रूप से घायल हो गए।
अफवाह ने लिया हिंसक रूप, परिवार को मिला गांव छोड़ने का फरमान
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, इस पूरे विवाद की जड़ एक अफवाह थी। गांव में यह बात फैला दी गई कि स्थानीय निवासी कमलाबेन एक ‘डायन’ (चुड़ैल) हैं। देखते ही देखते इस अंधविश्वास ने उग्र रूप ले लिया और ग्रामीणों की एक भारी भीड़ कमलाबेन के घर के बाहर इकट्ठा हो गई। भीड़ ने पीड़ित परिवार को तुरंत अपना सारा सामान समेटकर हमेशा के लिए गांव छोड़कर चले जाने का हुक्म सुना दिया।
घर पर पथराव और धारदार हथियारों से हमला
जब परिवार कुछ समझ पाता, तब तक हालात बेकाबू हो चुके थे। उग्र भीड़ ने कमलाबेन पर शारीरिक हमला करने के इरादे से उनके घर को घेर लिया और अंधाधुंध पथराव शुरू कर दिया। पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया। अपनी पत्नी की जान को सीधे खतरे में देख, उनके पति मनुभाई रामजीभाई डामोर और उनके बच्चे कमलाबेन को बचाने के लिए ढाल बनकर आगे आए।
पत्नी को बचाते हुए पति ने गंवाई जान, दो अन्य घायल
गुस्साई भीड़ ने बीच-बचाव करने आए परिवार के सदस्यों पर धारदार हथियारों और लाठी-डंडों से हमला कर दिया। इस हिंसक टकराव में मनुभाई के सिर पर गंभीर चोटें आईं, जिसके कारण उन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया। वहीं, हमलावरों के इस खूनी खेल में परिवार के दो अन्य सदस्य भी गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को इलाज के लिए तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया है।
पुलिस ने इस मामले में तत्परता दिखाते हुए जांच शुरू कर दी है और हिंसा में शामिल आरोपियों की पहचान की जा रही है।


