डिजिटल पेमेंट के दौर में यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस यानी UPI आज देश में सबसे लोकप्रिय माध्यम बन गया है। छोटे से लेकर बड़े लेन-देन के लिए लोग अब कैश की जगह गूगल पे, फोन पे या पेटीएम जैसे ऐप्स का इस्तेमाल करते हैं। अक्सर लोगों के मन में यह असमंजस रहता है कि क्या UPI से पेमेंट करने पर कोई अतिरिक्त शुल्क या चार्ज देना पड़ता है।
नियमों के मुताबिक, आम यूजर्स के लिए बैंक-टू-बैंक UPI ट्रांजैक्शन पूरी तरह से मुफ्त हैं। आप बिना किसी शुल्क के एक तय सीमा तक आसानी से पैसे ट्रांसफर कर सकते हैं। सरकार और नेशनल पेमेंट कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) का मुख्य उद्देश्य देश में डिजिटल ट्रांजैक्शन को बढ़ावा देना है, इसलिए सामान्य वित्तीय लेन-देन पर किसी भी तरह का चार्ज नहीं वसूला जाता है।
जहां तक बात 2000 रुपये या उससे अधिक के पेमेंट की है, तो सामान्य UPI ट्रांजैक्शन पर राशि की सीमा के आधार पर कोई चार्ज नहीं लगता है। हालांकि, मर्चेंट पेमेंट यानी दुकानदारों या व्यापारियों को किए जाने वाले कुछ खास लेन-देन के मामलों में मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) लागू हो सकता है, लेकिन आम ग्राहकों को इसके लिए सीधा भुगतान नहीं करना पड़ता है। इसलिए, आम नागरिक बिना किसी चिंता के अपने दैनिक लेन-देन के लिए UPI का उपयोग जारी रख सकते हैं।