AIMIM प्रमुख और हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने मंगलवार रात भोपाल में समान नागरिक संहिता (UCC) के विरोध में आयोजित जनसभा को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने युवाओं से माता-पिता की सेवा करने, बहनों को उनका हिस्सा देने और पत्नी का सम्मान करने की बात कही। इसी दौरान ओवैसी ने कहा कि “वही अच्छा मर्द है जो बीवी की गुलामी करता है।” उन्होंने अपने परिवार का उदाहरण देते हुए कहा कि उनकी दाढ़ी धूप में नहीं, बल्कि घर में रहते हुए सफेद हुई है।
जेन-जी युवाओं से ओवैसी ने क्या कहा?
ओवैसी ने सभा में मौजूद युवाओं से सवाल करते हुए कहा कि क्या वे अपने माता-पिता की सेवा करेंगे, बहनों को उनका हिस्सा देंगे और अपनी बीवियों की “गुलामी” करेंगे। जब युवाओं ने इस पर ‘नहीं’ में जवाब दिया, तो ओवैसी ने मजाकिया अंदाज में उनसे ऐसा करने की अपील की।
उन्होंने कहा, “तुम ऐसा जरूर करना, किसी की परवाह मत करना, क्योंकि इसमें डरने वाली कोई बात नहीं है। वही अच्छा मर्द है जो बीवी की गुलामी करता है, मैं खड़ा हुआ हूं तुम्हारे सामने। ये धूप में दाढ़ी सफेद नहीं हुई, घर में हुई है।”
UCC के मुद्दे पर भी साधा निशाना
ओवैसी ने अपने भाषण में समान नागरिक संहिता का विरोध करते हुए कहा कि AIMIM इसके खिलाफ अपनी लड़ाई जारी रखेगी। उन्होंने दावा किया कि UCC देश की विविधता और मुसलमानों की धार्मिक स्वतंत्रता से जुड़े मुद्दों को प्रभावित करता है।
उन्होंने ‘यूनिटी इन डायवर्सिटी’ का जिक्र करते हुए कहा कि भारत की पहचान उसकी विविधता में है। ओवैसी ने BJP पर ‘वन नेशन, वन टैक्स’ और ‘वन इलेक्शन’ जैसी अवधारणाओं के जरिए सब कुछ एक करने की कोशिश करने का आरोप लगाया।
बेटियों के संपत्ति अधिकार का भी मुद्दा उठाया
सभा के दौरान ओवैसी ने बेटियों के संपत्ति में हिस्से को लेकर भी अपनी बात रखी। उन्होंने दावा किया कि इस्लाम में बेटियों को संपत्ति में हिस्सा देने का प्रावधान है और UCC के संदर्भ में उन्होंने ‘जेंडर जस्टिस’ पर सवाल उठाया। ये उनके भाषण में किए गए राजनीतिक और धार्मिक कानून से जुड़े दावे थे।