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राम मंदिर ट्रस्ट की आज सबसे अहम बैठक! चंपत राय का इस्तीफा मंजूर होगा या नहीं?

राम मंदिर ट्रस्ट

राम मंदिर ट्रस्ट की आज होने वाली अहम बैठक में चंपत राय के इस्तीफे, SIT जांच, नई प्रबंधन व्यवस्था और वित्तीय पारदर्शिता जैसे बड़े मुद्दों पर महत्वपूर्ण फैसले लिए जा सकते हैं।

अयोध्या के श्रीराम मंदिर में चढ़ावा और दान की कथित चोरी के मामले के बाद सोमवार को होने वाली श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक बेहद अहम मानी जा रही है। दोपहर 3 बजे राम मंदिर परिसर में आयोजित इस बैठक में ट्रस्ट की कार्यप्रणाली, प्रबंधन व्यवस्था और चल रही जांच से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। विशेष रूप से पूर्व महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा के इस्तीफों पर फैसला, एसआईटी की प्रारंभिक रिपोर्ट की समीक्षा और मंदिर प्रबंधन के लिए नई व्यवस्था पर विचार प्रमुख एजेंडे में शामिल बताए जा रहे हैं।

चढ़ावा चोरी मामला कैसे पहुंचा इस मोड़ तक?

राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी का मामला सार्वजनिक होने के बाद इस पर राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर चर्चा तेज हो गई। शुरुआती आरोप सामने आने के बाद ट्रस्ट की ओर से कहा गया था कि आंतरिक ऑडिट जारी है और उस समय तक चोरी की पुष्टि नहीं हुई थी। बाद में मामले की गंभीरता को देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया।

एसआईटी की प्रारंभिक जांच के आधार पर आठ लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई और उन्हें गिरफ्तार किया गया। इसके बाद पूर्व महासचिव चंपत राय और ट्रस्ट सदस्य अनिल मिश्रा ने अपने-अपने पदों से इस्तीफा दे दिया। अब इन्हीं इस्तीफों पर अंतिम निर्णय ट्रस्ट की बैठक में लिया जा सकता है।

बैठक में कौन-कौन रहेगा मौजूद?

बैठक की अध्यक्षता ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास करेंगे। हालांकि स्वास्थ्य कारणों से उनके वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल होने की संभावना है।

बैठक में ट्रस्ट के सभी 14 सदस्यों को आमंत्रित किया गया है। इनमें कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी, मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा, शंकराचार्य वासुदेवानंद सरस्वती, युगपुरुष परमानंद जी महाराज, दिनेंद्र दास, कृष्ण मोहन, उडुपी पीठाधीश्वर, विश्वतीर्थ प्रपन्नाचार्य जी महाराज सहित अन्य ट्रस्टी शामिल हो सकते हैं।

इसके अलावा भारत सरकार के सचिव प्रशांत लोखंडे और उत्तर प्रदेश सरकार के प्रमुख सचिव (गृह) संजय प्रसाद के भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में शामिल होने की संभावना है।

बैठक का मुख्य एजेंडा क्या होगा?

इस बैठक का सबसे बड़ा एजेंडा कथित चढ़ावा चोरी मामले की समीक्षा और आगे की प्रशासनिक कार्रवाई माना जा रहा है। ट्रस्ट एसआईटी की प्रारंभिक रिपोर्ट पर चर्चा कर सकता है और जांच की मौजूदा स्थिति की जानकारी ले सकता है।

साथ ही पूर्व महासचिव चंपत राय और ट्रस्ट सदस्य अनिल मिश्रा के इस्तीफों पर भी विचार किया जाएगा। यदि ट्रस्ट इन इस्तीफों को स्वीकार करता है तो दोनों पदों के लिए नई व्यवस्था पर भी चर्चा हो सकती है।

नए प्रबंधन सिस्टम पर हो सकता है फैसला

चढ़ावा चोरी मामले के बाद मंदिर की दान गिनती व्यवस्था और प्रबंधन प्रणाली को लेकर कई सवाल उठे हैं। ऐसे में बैठक में मंदिर के प्रशासन को और अधिक पारदर्शी एवं सुरक्षित बनाने के लिए नए सिस्टम पर विचार किया जा सकता है।

सूत्रों के अनुसार, मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) की नियुक्ति, दान प्रबंधन की नई प्रक्रिया, सुरक्षा व्यवस्था, वित्तीय निगरानी और प्रशासनिक जवाबदेही को मजबूत करने जैसे प्रस्तावों पर भी चर्चा संभव है।

वित्तीय रिपोर्ट भी होगी पेश

बैठक में वित्तीय वर्ष 2025-26 का बिना ऑडिट वाला आय-व्यय विवरण भी प्रस्तुत किया जाएगा। इसके साथ बैलेंस शीट और अन्य वित्तीय दस्तावेज ट्रस्ट सदस्यों के सामने रखे जा सकते हैं, जिन पर उनकी मंजूरी ली जाएगी।

ट्रस्ट के वित्तीय रिकॉर्ड, दान प्रबंधन और लेखा प्रणाली को और अधिक पारदर्शी बनाने के उपायों पर भी चर्चा होने की संभावना है।

दो समानांतर जांच जारी

वर्तमान में इस पूरे मामले की जांच दो स्तरों पर चल रही है। एक ओर एसआईटी पूरे प्रकरण की जांच कर रही है, वहीं पुलिस भी अलग से साक्ष्य जुटाने और संबंधित लोगों से पूछताछ कर रही है।

जांच के दौरान चंपत राय, अनिल मिश्रा और ट्रस्ट के विशेष आमंत्रित सदस्य गोपाल राव के बयान दर्ज किए जा चुके हैं। हालांकि अब तक उनके खिलाफ कोई एफआईआर दर्ज नहीं की गई है और जांच एजेंसियां उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही हैं।

ट्रस्ट की छवि सुधारने की चुनौती

माना जा रहा है कि इस बैठक का उद्देश्य केवल प्रशासनिक फैसले लेना नहीं, बल्कि ट्रस्ट की विश्वसनीयता और पारदर्शिता को लेकर उठे सवालों का जवाब देना भी है। सूत्रों के अनुसार, संगठन स्तर पर यह राय बनी है कि ट्रस्ट की साख बनाए रखने के लिए आवश्यक प्रशासनिक बदलाव किए जाएं।

सभी की निगाहें बैठक पर

राम मंदिर देश की आस्था का प्रमुख केंद्र है। ऐसे में सोमवार को होने वाली ट्रस्ट बैठक से कई महत्वपूर्ण निर्णय निकलने की उम्मीद है। इस्तीफों पर फैसला, नई प्रबंधन व्यवस्था, वित्तीय पारदर्शिता और एसआईटी जांच की समीक्षा जैसे मुद्दों पर लिए जाने वाले निर्णय आने वाले समय में राम मंदिर के प्रशासनिक ढांचे की दिशा तय कर सकते हैं।

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