केतन अग्रवाल मर्डर केस में जांच अब पॉलीग्राफ टेस्ट तक पहुंच गई है, जहां पुलिस सिया गोयल से कुछ 18 सवाल पूछकर घटना की पूरी सच्चाई जानने की कोशिश कर रही है।
पुणे के चर्चित केतन अग्रवाल मर्डर केस की जांच लगातार आगे बढ़ रही है, मुख्य आरोपी और मृतक की मंगेतर सिया गोयल से पुलिस हर पहलू पर पूछताछ कर रही है, जांच के दौरान पुलिस उसे कभी घटनास्थल तो कभी कथित रिहर्सल वाली जगह पर ले जाकर घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने की कोशिश कर रही है, अब जांच एजेंसियां सिया का लाई डिटेक्टर (पॉलीग्राफ) टेस्ट कराने की तैयारी में हैं, ताकि उसके बयानों की सत्यता परखी जा सके और जांच को प्रभावित करने वाले संभावित विरोधाभासों का पता लगाया जा सके।
जांच के लिए तैयार किए गए संभावित सवाल
सूत्रों के मुताबिक, पुणे पुलिस ने पॉलीग्राफ टेस्ट के दौरान पूछे जाने वाले संभावित सवालों की एक सूची तैयार की है, इन सवालों का उद्देश्य केतन अग्रवाल की मौत से पहले और बाद की परिस्थितियों, आरोपियों की भूमिका तथा कथित साजिश से जुड़े तथ्यों को स्पष्ट करना है।
सिया के सामने 18 सवाल, लाई डिटेक्टर टेस्ट खोलेगा 18 जून का राज
- क्या आपका नाम सिया गोयल है?
- क्या आप अपनी स्वेच्छा से इस लाई डिटेक्टर परीक्षण में शामिल हो रही हैं?
- क्या आप केतन अग्रवाल को व्यक्तिगत रूप से जानती थीं?
- क्या आपकी केतन अग्रवाल से सगाई हुई थी?
- क्या आप चेतन चौधरी को व्यक्तिगत रूप से जानती हैं?
- क्या जून 2026 के दौरान आपका चेतन चौधरी से नियमित संपर्क था?
- क्या आप 18 जून 2026 को लोहगढ़ क्षेत्र में गई थीं?
- क्या 18 जून को आपकी मुलाकात केतन अग्रवाल से हुई थी?
- क्या 18 जून को आपकी मुलाकात चेतन चौधरी से हुई थी?
- क्या 18 जून को आप, केतन और चेतन एक ही स्थान पर मौजूद थे?
- क्या आपने 18 जून से पहले केतन को लोहगढ़ जाने के लिए कहा था?
- क्या आपने 18 जून से पहले चेतन चौधरी के साथ लोहगढ़ जाने की कोई योजना बनाई थी?
- क्या घटना से पहले आपने केतन की लोकेशन या गतिविधियों की जानकारी चेतन चौधरी के साथ साझा की थी?
- क्या 18 जून को लोहगढ़ में केतन अग्रवाल के साथ किसी प्रकार की शारीरिक झड़प हुई थी?
- क्या आपने केतन अग्रवाल को किसी भी प्रकार से धक्का दिया था?
- क्या आपने किसी अन्य व्यक्ति को केतन अग्रवाल के साथ बल प्रयोग करते हुए देखा था?
- क्या घटना के बाद आपने इस मामले से जुड़ा कोई चैट, मैसेज, कॉल रिकॉर्ड या डिजिटल डेटा हटाया था?
- क्या आपको केतन अग्रवाल की मृत्यु के वास्तविक कारण या परिस्थितियों की ऐसी जानकारी है जो आपने अब तक जांच एजेंसियों को नहीं बताई है?
अदालत की अनुमति और सहमति के बाद होगी प्रक्रिया
सूत्रों के अनुसार, पॉलीग्राफ टेस्ट केवल अदालत की अनुमति और संबंधित आरोपी की सहमति मिलने के बाद ही कराया जा सकता है, जांच एजेंसियों का कहना है कि इस प्रक्रिया का उद्देश्य पूछताछ के दौरान दिए गए बयानों और उपलब्ध डिजिटल, फोरेंसिक तथा अन्य साक्ष्यों के बीच सामंजस्य की जांच करना है।
जांच का फोकस हर कड़ी जोड़ने पर
पुलिस फिलहाल घटनास्थल के क्राइम सीन रिक्रिएशन, डिजिटल साक्ष्यों, कॉल रिकॉर्ड, चैट, लोकेशन डेटा और अन्य फोरेंसिक सबूतों का विश्लेषण कर रही है, जांच एजेंसियों का लक्ष्य यह पता लगाना है कि कथित साजिश कैसे तैयार हुई, इसमें किन-किन लोगों की भूमिका रही और घटना के पहले तथा बाद में क्या-क्या हुआ।
पुलिस का कहना है कि जांच अभी जारी है और सभी उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी, फिलहाल किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी तथ्यों का सत्यापन किया जा रहा है।


