West Bengal Politics: पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। राज्य की बीजेपी सरकार ने विधानसभा में पिछले चार वर्षों से लंबित नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की 28 रिपोर्टें पेश कर दी हैं। इन रिपोर्टों में अम्फान चक्रवात राहत वितरण, स्वास्थ्य साथी योजना, शहरी निकायों, समग्र शिक्षा मिशन समेत कई सरकारी योजनाओं में वित्तीय और प्रशासनिक अनियमितताओं का उल्लेख किया गया है। सरकार ने इन रिपोर्टों पर विस्तृत चर्चा के लिए विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने का भी ऐलान किया है।
विधानसभा में विशेष सत्र बुलाएगी सरकार
राज्य के वित्त मंत्री स्वपन दासगुप्ता ने कहा कि इन रिपोर्टों पर विस्तार से चर्चा के लिए विधानसभा का विशेष सत्र आयोजित किया जाएगा, ताकि जनता के सामने सभी तथ्यों को रखा जा सके। उन्होंने दावा किया कि इन रिपोर्टों के अध्ययन से यह समझने में मदद मिलेगी कि पश्चिम बंगाल पर आठ लाख करोड़ रुपये से अधिक का कर्ज कैसे बढ़ा। उन्होंने सभी विधायकों से रिपोर्टों का गंभीरता से अध्ययन करने की अपील भी की। सरकार का आरोप है कि पिछली तृणमूल कांग्रेस (TMC) सरकार ने इन CAG रिपोर्टों को विधानसभा में पेश नहीं किया और इस तरह अपने संवैधानिक दायित्व का पालन नहीं किया।
अम्फान राहत कार्यों में गंभीर अनियमितताओं का दावा
CAG की रिपोर्ट में वर्ष 2020 में आए अम्फान चक्रवात के बाद राहत और पुनर्वास कार्यों में कई गंभीर अनियमितताओं की ओर इशारा किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, केंद्र सरकार से अधिक सहायता प्राप्त करने के लिए नुकसान का आकलन वास्तविक स्थिति से अधिक दिखाया गया। इसके अलावा हजारों लाभार्थियों को एक से अधिक बार राहत राशि देने और पुराने लाभार्थी डेटा के आधार पर सहायता वितरित करने जैसे मामलों का भी उल्लेख किया गया है।रिपोर्ट में कहा गया है कि राज्य सरकार ने राष्ट्रीय आपदा मोचन कोष (NDRF) से 35,018 करोड़ रुपये की सहायता मांगी थी, जबकि केंद्र ने 2,707.77 करोड़ रुपये की सहायता की सिफारिश की थी।
लाभार्थियों के खातों में दोबारा भेजी गई राहत राशि
ऑडिट रिपोर्ट के अनुसार, 9,226 लाभार्थियों के बैंक खातों में मकान निर्माण सहायता की राशि एक से अधिक बार जमा की गई, जिसकी कुल राशि 18.07 करोड़ रुपये थी। CAG ने इसे लाभार्थियों के चयन और प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) प्रक्रिया में गंभीर खामियों का संकेत बताया है। इसके अलावा दक्षिण 24 परगना, नदिया, पूर्व और पश्चिम मेदिनीपुर जिलों में लाभार्थियों के बैंक खातों से जुड़े रिकॉर्ड में भी बड़ी विसंगतियां सामने आईं। रिपोर्ट के मुताबिक 1,44,175 बैंक लेनदेन, जिनकी कुल राशि 125.07 करोड़ रुपये थी, उनमें लाभार्थी सूची और बैंक रिकॉर्ड के बीच अंतर पाया गया।
कई योजनाओं की होगी जांच
सरकार का कहना है कि CAG की इन 28 रिपोर्टों में केवल अम्फान राहत कार्य ही नहीं, बल्कि स्वास्थ्य साथी योजना, समग्र शिक्षा मिशन, शहरी निकायों और अन्य सरकारी योजनाओं में भी वित्तीय अनियमितताओं और प्रशासनिक लापरवाही का उल्लेख किया गया है। विशेष सत्र के दौरान इन सभी रिपोर्टों पर क्रमवार चर्चा की जाएगी और जरूरत पड़ने पर आगे की कार्रवाई पर भी फैसला लिया जाएगा। बीजेपी सरकार का दावा है कि इन रिपोर्टों को सार्वजनिक कर राज्य की वित्तीय स्थिति और पिछली सरकार के कामकाज की वास्तविक तस्वीर जनता के सामने लाई जाएगी।