पुणे: राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल को गुरुवार को पुणे में आयोजित भव्य समारोह में ‘लोकमान्य तिलक राष्ट्रीय पुरस्कार‘ से सम्मानित किया गया। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की प्रमुख उपस्थिति में महाराष्ट्र मंडल, स्वारगेट स्थित महर्षि नगर मैदान में यह कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अजित डोभाल के योगदान की सराहना करते हुए उन्हें “राष्ट्रीय सुरक्षा का चाणक्य” बताया। वहीं अमित शाह की मौजूदगी का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, “एक धुरंधर को सम्मानित करने के लिए दूसरे धुरंधर यहां आए हैं।”
‘राष्ट्रीय सुरक्षा को नई दिशा देने वाले व्यक्तित्व हैं डोभाल’
देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि उन्हें बेहद खुशी है कि यह सम्मान ऐसे व्यक्ति को मिला है, जिसने अपना पूरा जीवन राष्ट्र की सुरक्षा के लिए समर्पित कर दिया। उन्होंने कहा कि अजित डोभाल ने राष्ट्रीय सुरक्षा के क्षेत्र में नई दिशा देने का काम किया है और आज भी पूरी प्रतिबद्धता के साथ देश की सुरक्षा के लिए कार्य कर रहे हैं।
‘राजनीति के चाणक्य अमित शाह, सुरक्षा के चाणक्य अजित डोभाल’
मुख्यमंत्री ने कहा, “राष्ट्रीय सुरक्षा के क्षेत्र में जिन्हें चाणक्य कहा जाता है, उन्हें सम्मानित करने के लिए राजनीति के चाणक्य अमित शाह यहां उपस्थित हैं। इसलिए यह अवसर और भी विशेष बन गया है।”
‘2014 के बाद बदली भारत की सुरक्षा नीति’
फडणवीस ने कहा कि वर्ष 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अजित डोभाल को राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार नियुक्त किया। इसके बाद उन्होंने देश की सुरक्षा नीति और रणनीति में व्यापक बदलाव किए।
उन्होंने कहा, “आज भारत केवल हमला सहने वाला देश नहीं रहा, बल्कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में जरूरत पड़ने पर दुश्मन के घर में घुसकर जवाब देने वाला देश बन गया है। भारत की सामरिक नीति और सुरक्षा रणनीति में यह बड़ा बदलाव लाने में अजित डोभाल की अहम भूमिका रही है।”
‘राष्ट्रीय सुरक्षा में सिल्वर मेडल नहीं होता’
फडणवीस ने अजित डोभाल के एक प्रसिद्ध कथन का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि डोभाल अक्सर कहते हैं:
“राष्ट्रीय सुरक्षा में कोई सिल्वर मेडल नहीं होता। अगर आप जीतते हैं तो इतिहास बनाते हैं, और अगर हारते हैं तो इतिहास बन जाते हैं।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कथन राष्ट्रीय सुरक्षा की गंभीरता को स्पष्ट करता है।
‘पुरस्कार की कभी इच्छा नहीं रखने वाले व्यक्ति का सम्मान’
अपने संबोधन के अंत में फडणवीस ने कहा कि अजित डोभाल ने कई बार अपने प्राणों की परवाह किए बिना देश के लिए काम किया। उन्होंने कभी पुरस्कार या सम्मान की इच्छा नहीं रखी, इसलिए ऐसे व्यक्तित्व को यह सम्मान मिलना पूरे देश के लिए गर्व और खुशी की बात है।