श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर के कुलगाम में दो प्रवासी मजदूरों की हत्या के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने आतंकियों और उनके नेटवर्क के खिलाफ अभियान तेज कर दिया है। इसी कड़ी में बारामूला जिले के शीरी इलाके से एक कथित ओवर ग्राउंड वर्कर (OGW) को गिरफ्तार किया गया है। उसके कब्जे से हथियार, गोला-बारूद और अन्य संदिग्ध सामान बरामद किया गया है।
जॉइंट नाके पर दबोचा गया आरोपी
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने नारवाव के ज़ंडफरान-गोरीवान क्रॉसिंग पर संयुक्त नाका लगाया था। इसी दौरान गोरीवान की ओर से आ रहा एक संदिग्ध युवक सुरक्षा बलों को देखकर भागने लगा। जवानों ने पीछा कर उसे मौके पर ही पकड़ लिया।
हथियार और गोला-बारूद बरामद
तलाशी के दौरान आरोपी के पास से एक कैमोफ्लाज्ड MP-5 टाइप पिस्तौल, 9 एमएम के 10 जिंदा कारतूस वाली मैगजीन, एक मोबाइल फोन और एक काला बैकपैक बरामद किया गया। बरामद सामान को जांच के लिए जब्त कर लिया गया है।
एजाज अहमद गनी की हुई पहचान
गिरफ्तार आरोपी की पहचान बारामूला जिले के शीरी क्षेत्र के नंबलन निवासी एजाज अहमद गनी के रूप में हुई है। पुलिस ने उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत शीरी थाने में एफआईआर संख्या 37/2026 दर्ज की है। सुरक्षा एजेंसियां अब उसके संपर्कों और संभावित आतंकी नेटवर्क से जुड़े संबंधों की जांच कर रही हैं।
कुलगाम हमले के बाद तेज हुई कार्रवाई
अधिकारियों ने कहा कि कुलगाम आतंकी हमले के बाद घाटी में सुरक्षा व्यवस्था और सख्त कर दी गई है। सेना, पुलिस और अन्य एजेंसियां आतंकियों के साथ-साथ उनके सहयोगी नेटवर्क के खिलाफ लगातार अभियान चला रही हैं।
क्या हुआ था कुलगाम में?
शुक्रवार रात करीब 8:30 बजे कुलगाम के केल्लाम क्षेत्र स्थित एक ईंट-भट्ठे पर दो आतंकवादी पहुंचे। पुलिस के अनुसार, उन्होंने वहां काम कर रहे दो प्रवासी मजदूरों से कथित तौर पर उनकी पहचान पूछी और फिर उन पर गोलीबारी कर दी। दोनों घायलों को अस्पताल ले जाया गया, जहां एक मजदूर को मृत घोषित कर दिया गया, जबकि दूसरे ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।इस हमले की जिम्मेदारी लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े संगठन द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) ने लिया है।