नई दिल्ली: अयोध्या राम मंदिर के चढ़ावे में कथित चोरी के मुद्दे को लेकर सोमवार को राज्यसभा में जमकर हंगामा हुआ। विपक्ष ने मामले की जांच और जवाबदेही की मांग उठाई, जबकि केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर तीखा पलटवार करते हुए उन्हें “राम विरोधी” करार दिया।
सदन में बोलते हुए किरेन रिजिजू ने कहा कि जो दल आज राम मंदिर के चढ़ावे को लेकर सवाल उठा रहे हैं, वही पहले भगवान राम के अस्तित्व पर सवाल खड़े करते थे और राम मंदिर निर्माण का विरोध करते रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस और समाजवादी पार्टी ने वर्षों तक राम मंदिर आंदोलन का विरोध किया और अब राजनीतिक लाभ के लिए इस मुद्दे को उछाल रही हैं।
‘राम के अस्तित्व पर सवाल उठाने वाले आज सवाल पूछ रहे’
रिजिजू ने कहा, “यह वही लोग हैं जिन्होंने भगवान राम को काल्पनिक बताया था। आज वही लोग राम मंदिर के चढ़ावे को लेकर देश को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं।”
उन्होंने कहा कि कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के कई नेताओं ने अतीत में भगवान राम के अस्तित्व पर सवाल उठाए थे और राम मंदिर आंदोलन का विरोध किया था। ऐसे दलों को अब इस मुद्दे पर राजनीति करने का नैतिक अधिकार नहीं है।

विपक्ष पर लगाए राजनीतिक आरोप
केंद्रीय मंत्री ने आरोप लगाया कि विपक्ष राम मंदिर के चढ़ावे में कथित चोरी के मामले को केवल राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल कर रहा है। उन्होंने कहा कि देश की आस्था से जुड़े विषयों पर राजनीति नहीं होनी चाहिए और बिना जांच पूरी हुए आरोप लगाना उचित नहीं है।
रिजिजू ने कहा कि राम मंदिर करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है और इस मुद्दे पर भ्रम फैलाने की कोशिश स्वीकार नहीं की जा सकती।
‘पहले देश से माफी मांगे विपक्ष’
अपने संबोधन के दौरान किरेन रिजिजू ने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी से भगवान राम और राम मंदिर आंदोलन का विरोध करने के लिए देश से माफी मांगने की भी मांग की। उन्होंने कहा कि जिन्होंने वर्षों तक राम मंदिर का विरोध किया, उन्हें पहले अपनी गलती स्वीकार करनी चाहिए, उसके बाद ही इस तरह के आरोप लगाने चाहिए।
चढ़ावा चोरी के मुद्दे को लेकर राज्यसभा में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। विपक्ष जहां पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और जवाबदेही की मांग कर रहा है, वहीं सरकार का कहना है कि इस मुद्दे पर राजनीति करने के बजाय तथ्यों के सामने आने का इंतजार किया जाना चाहिए।