नई दिल्ली: इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन खरीदने वालों के लिए बड़ी खबर है। केंद्र सरकार ने PM e-Drive Scheme की अवधि बढ़ाकर 31 मार्च 2028 तक कर दी है, लेकिन इसके साथ ही इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स पर मिलने वाले प्रोत्साहन में बड़ी कटौती की गई है। अब EV टू-व्हीलर पर मिलने वाला इंसेंटिव 5,000 रुपये प्रति किलोवाट-घंटा से घटाकर 2,500 रुपये प्रति किलोवाट-घंटा कर दिया गया है।
भारी उद्योग मंत्रालय की ओर से जारी अधिसूचना के मुताबिक, 1 अप्रैल 2025 से 31 मार्च 2028 के बीच पंजीकृत होने वाले पात्र इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों को 2,500 रुपये प्रति किलोवाट-घंटा की दर से प्रोत्साहन मिलेगा। इसकी अधिकतम सीमा 5,000 रुपये प्रति वाहन तय की गई है।
पहले मिलती थी 10 हजार रुपये तक की सब्सिडी
वित्त वर्ष 2024-25 में इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों को 5,000 रुपये प्रति किलोवाट-घंटा की दर से प्रोत्साहन मिलता था। इसकी अधिकतम सीमा 10,000 रुपये प्रति वाहन थी। नए प्रावधान के बाद प्रति किलोवाट-घंटा इंसेंटिव और अधिकतम लाभ, दोनों में कटौती हुई है।
यानी पहले जिस इलेक्ट्रिक स्कूटर या बाइक पर अधिकतम 10,000 रुपये तक का लाभ मिल सकता था, अब उसी योजना के तहत अधिकतम 5,000 रुपये का इंसेंटिव मिलेगा।
1.5 लाख रुपये तक की कीमत वाले EV पर मिलेगा लाभ
PM e-Drive Scheme का लाभ पाने के लिए इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन की अधिकतम फैक्टरी कीमत 1.5 लाख रुपये तय की गई है। इसके अलावा प्रोत्साहन की सीमा वाहन की फैक्टरी कीमत के 15 प्रतिशत या निर्धारित अधिकतम राशि में से जो भी कम होगी, उतनी ही रहेगी।
सरकार ने योजना के लिए 2,767 करोड़ रुपये की बजटीय सहायता निर्धारित की है। मंत्रालय के अनुसार, प्रति किलोवाट-घंटा प्रोत्साहन राशि में भविष्य में वाहन की लागत में होने वाली कमी के आधार पर समीक्षा की जा सकती है।
11,900 करोड़ रुपये की है PM e-Drive योजना
देश में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने और EV मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम को मजबूत करने के लिए केंद्र सरकार ने 11,900 करोड़ रुपये के कुल परिव्यय वाली PM e-Drive Scheme शुरू की है।
यह योजना 1 अप्रैल 2024 से 31 मार्च 2028 तक लागू है। सरकार का लक्ष्य इलेक्ट्रिक वाहनों को तेजी से अपनाने के साथ-साथ देश में चार्जिंग नेटवर्क और इलेक्ट्रिक वाहन निर्माण की क्षमता को बढ़ावा देना है।
EV खरीदने वालों पर क्या होगा असर?
सब्सिडी में कटौती का सीधा असर इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन खरीदने वालों पर पड़ सकता है। हालांकि, योजना की अवधि बढ़ने से EV खरीदारों को प्रोत्साहन का लाभ आगे भी मिलता रहेगा। अब ग्राहक को वाहन खरीदने से पहले उसकी फैक्टरी कीमत, बैटरी क्षमता और पात्र इंसेंटिव की सीमा जरूर जांच लेनी चाहिए।
एक नजर में
- PM e-Drive Scheme की अवधि: 31 मार्च 2028 तक
- नया इंसेंटिव: ₹2,500 प्रति kWh
- अधिकतम इंसेंटिव: ₹5,000 प्रति वाहन
- पहले अधिकतम इंसेंटिव: ₹10,000 प्रति वाहन
- पात्र EV टू-व्हीलर की अधिकतम फैक्टरी कीमत: ₹1.5 लाख
- योजना का कुल परिव्यय: ₹11,900 करोड़
- EV टू-व्हीलर के लिए बजटीय सहायता: ₹2,767 करोड़