रांची में छात्रों के विधानसभा मार्च के दौरान हुई झड़प के मामले में पुलिस ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस ने करीब 600 प्रदर्शनकारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। मामले में प्रदर्शन के दौरान हुए उपद्रव, पुलिस से झड़प और कानून-व्यवस्था प्रभावित होने की घटनाओं को जांच के दायरे में रखा गया है।
पुलिस अब वीडियो फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर प्रदर्शन में शामिल लोगों की पहचान करने में जुटी है। इससे पहले विधानसभा घेराव के दौरान पुलिस कार्रवाई में कई छात्रों के घायल होने के बाद यह मामला राजनीतिक रूप से भी गरमा गया था।
विपक्षी दलों ने पुलिस कार्रवाई को लेकर सरकार पर सवाल उठाए हैं, जबकि सरकार की ओर से कानून-व्यवस्था बनाए रखने की बात कही गई है। मामले में आगे और गिरफ्तारियां होने की संभावना जताई जा रही है।
सरकार का दावा
इन सारे विवादों के बीच, झारखंड लोक सेवा आयोग (IPSC) को भंग कर दिया गया है और उसके तीनों सदस्य अपने पद से इस्तीफा दे चुके हैं. वहीं, आयोग की सदस्य डॉ. अजिता भट्टाचार्य से 10 अगस्त को पूछताछ की जानी है. वही दूसरी तरफ़, छात्र पूरे मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग पर अड़े हुए हैं. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने स्वयं छात्रों को पत्र लिखकर उनकी चिंताओं को दूर करने और भरोसा दिलाने का प्रयास किया.
सरकार का दावा है कि छात्रों की 98 प्रतिशत मांगों को स्वीकार कर लिया गया है, लेकिन कुछ प्रमुख मुद्दों पर अब भी गतिरोध बना हुआ है. वहीं प्रदर्शनकारियों का कहना है कि उनकी मांगे अभी भी नहीं मानी गई हैं.