नई दिल्ली: शिरोमणि अकाली दल (SAD) के प्रमुख और पंजाब के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल पर महाराष्ट्र के नांदेड़ में हुए हमले के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनका हाल जाना है। सूत्रों के मुताबिक, पीएम मोदी ने सुखबीर बादल की पत्नी और सांसद हरसिमरत कौर बादल से फोन पर बातचीत की और उनकी सेहत के बारे में जानकारी ली।
सुखबीर सिंह बादल पर नांदेड़ के गुरुद्वारा माता साहिब देवान जी मुगत में एक निहंग ने कथित तौर पर कृपाण से हमला किया था। हमले में उनके हाथ में चोट आई है। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में ले लिया है।
सुखबीर बादल के हाथ में लगे तीन टांके
नांदेड़ के पुलिस अधीक्षक नीलाभ रोहन के मुताबिक, हमलावर ने गुरुद्वारे के अंदर सुखबीर बादल पर कृपाण से वार किया। घटना के बाद बादल को अस्पताल ले जाया गया, जहां उनके हाथ में तीन टांके लगाए गए।
पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है और हमले के पीछे की वजह का पता लगाने की कोशिश की जा रही है।
CM फडणवीस ने भी फोन कर जाना हाल
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने घटना को गंभीरता से लेते हुए हमले की जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने भी सुखबीर सिंह बादल को फोन कर उनकी तबीयत की जानकारी ली।
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने भी हरसिमरत कौर बादल से फोन पर बातचीत की और सुखबीर बादल के स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली। शिंदे ने कहा कि हमले के दोषियों को किसी भी परिस्थिति में बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
बीजेपी और अकाली दल की बढ़ती नजदीकी
सुखबीर बादल पर हमले के बाद पीएम मोदी का हरसिमरत कौर से फोन पर बात करना ऐसे समय में हुआ है, जब बीजेपी और अकाली दल के बीच राजनीतिक नजदीकियां बढ़ने की चर्चा है।
7 अगस्त को सुखबीर सिंह बादल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की थी। इस मुलाकात के बाद बादल ने महिला आरक्षण विधेयक को समर्थन देने की बात कही थी।
इसके बाद से पंजाब की राजनीति में बीजेपी और अकाली दल के संभावित गठबंधन को लेकर अटकलें तेज हैं।
किसान आंदोलन के दौरान टूटा था गठबंधन
बीजेपी और शिरोमणि अकाली दल के बीच लंबे समय तक गठबंधन रहा था। हालांकि, कृषि कानूनों को लेकर हुए किसान आंदोलन के बीच सितंबर 2020 में दोनों दलों का गठबंधन टूट गया था।
अब दोनों पार्टियों के बीच बढ़ती नजदीकी को आगामी पंजाब विधानसभा चुनाव के नजरिए से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि, गठबंधन को लेकर दोनों दलों की ओर से अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।