उत्तराखंड के चमोली जिले में गुरुवार, 13 अगस्त की शाम बड़ा हादसा हो गया। पीपलकोटी (मायापुर) स्थित टीएचडीसी की विष्णुगाड-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना की निर्माणाधीन टीआरटी (टेल रेस टनल) में अचानक भूस्खलन हो गया। शाम करीब 7 बजे टनल के लगभग 1600 मीटर हिस्से में मलबा और भारी मात्रा में पानी भर गया, जिससे अंदर काम कर रहे मजदूर फंस गए।
टनल में 20 से ज्यादा मजदूर कर रहे थे काम
हादसे के समय टनल के अंदर 20 से अधिक मजदूर काम कर रहे थे। घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। टनल के भीतर मलबा और पानी भरने से रेस्क्यू ऑपरेशन चुनौतीपूर्ण हो गया। सूचना मिलते ही NDRF, SDRF, स्थानीय पुलिस और CISF के जवान मौके पर पहुंचे और युद्धस्तर पर राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया।
रेस्क्यू टीमों ने कई मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाला और घायलों को उपचार के लिए जिला चिकित्सालय गोपेश्वर भेजा गया। वहीं, कुछ मजदूरों के अब भी लापता होने की सूचना है और उनकी तलाश लगातार जारी है।
टनल हादसे में अब तक 7 मजदूरों की मौत
प्रशासन के अनुसार, हादसे में अब तक 7 मजदूरों की मौत की पुष्टि हुई है। वहीं, 11 घायल मजदूरों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। राहत एवं बचाव अभियान के दौरान टनल के अंदर गए 6 बचावकर्मी भी सुरक्षित बताए जा रहे हैं।
रेस्क्यू टीमों की ओर से टनल में फंसे लोगों को बाहर निकालने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। प्रशासन का कहना है कि जब तक सभी प्रभावित लोगों को बाहर नहीं निकाल लिया जाता, तब तक रेस्क्यू ऑपरेशन जारी रहेगा।
पानी और मलबे ने बढ़ाई रेस्क्यू टीमों की मुश्किल
NDRF के टीम कमांडर अमृत लाल मीणा ने बताया कि टीम के मौके पर पहुंचने के समय सुरंग के अंदर भारी मात्रा में पानी भरा हुआ था और किनारों से भी पानी रिस रहा था। उन्होंने कहा कि जवान विशेष उपकरणों की मदद से पानी के बीच रेस्क्यू अभियान चला रहे हैं।
टनल की कुल लंबाई करीब 3 किलोमीटर बताई जा रही है। इसमें लगभग 1.50 किलोमीटर हिस्से में भूधंसाव के कारण मलबा और पानी भरने की स्थिति बनी है। यही वजह है कि रेस्क्यू टीमों को अंदर पहुंचने और फंसे लोगों तक पहुंचने में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
जिलाधिकारी गौरव कुमार घटनास्थल पर मौजूद रहकर राहत एवं बचाव अभियान की निगरानी कर रहे हैं। रेस्क्यू किए गए घायलों को जिला चिकित्सालय गोपेश्वर में भर्ती कराया गया है, जहां चिकित्सकों और स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगातार उनकी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
CM धामी ने लिया हादसे का जायजा
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हादसे पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने जिला प्रशासन, NDRF, SDRF और अन्य संबंधित एजेंसियों को आपसी समन्वय के साथ युद्धस्तर पर राहत एवं बचाव अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा है कि टनल में फंसे प्रत्येक मजदूर को सुरक्षित बाहर निकालना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
हादसे को लेकर हेल्पलाइन नंबर जारी
राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (SEOC), देहरादून की ओर से हादसे से संबंधित जानकारी के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए हैं। इन नंबरों पर राहत-बचाव अभियान, रेस्क्यू किए गए लोगों और लापता लोगों से जुड़ी जानकारी हासिल की जा सकती है।
हेल्पलाइन नंबर:
1070
0135-2710334
82188 67005