नई दिल्ली: भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर इन दिनों रूस के दौरे पर हैं। सोमवार को उन्होंने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात की। इस दौरान दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों और सहयोग से जुड़े कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई। बैठक के दौरान पुतिन ने भारत के लिए परमाणु ऊर्जा, उर्वरक और हाईटेक सेक्टर से जुड़ी महत्वपूर्ण बातें साझा कीं।
भारतीय किसानों के लिए बढ़ेगी खाद की सप्लाई
राष्ट्रपति पुतिन ने कहा कि रूस भारत की उर्वरक जरूरतों को देखते हुए सप्लाई बढ़ाने के लिए हर संभव प्रयास कर रहा है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि भारतीय किसानों की जरूरत को ध्यान में रखते हुए आगे भी उर्वरकों की आपूर्ति बढ़ाने की कोशिश जारी रहेगी।
पुतिन ने बताया कि दोनों देशों के अधिकारी ऊर्जा, उर्वरक, परमाणु ऊर्जा और हाईटेक सेक्टर में सहयोग को लेकर लगातार बातचीत कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों में भारत और रूस के बीच सहयोग आगे बढ़ रहा है।
परमाणु ऊर्जा और हाईटेक सेक्टर में बढ़ेगा सहयोग
भारत और रूस के बीच परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में लंबे समय से सहयोग जारी है। पुतिन ने कहा कि दोनों देश इस क्षेत्र के साथ-साथ हाईटेक सेक्टर में भी सहयोग को और मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।
उन्होंने दोनों देशों के बीच जारी आर्थिक सहयोग और व्यापारिक रिश्तों का भी जिक्र किया। पुतिन के मुताबिक, पिछले साल व्यापार में कुछ गिरावट देखने को मिली थी, लेकिन इस साल दोनों देशों के बीच व्यापार में फिर तेजी आई है।
पुतिन ने PM मोदी की तारीफ की
रूस के राष्ट्रपति ने भारत-रूस के मजबूत होते संबंधों का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के व्यक्तिगत प्रयासों को भी दिया। मॉस्को में एस. जयशंकर के साथ मुलाकात के दौरान पुतिन ने कहा कि दोनों देश कई दशकों से विभिन्न क्षेत्रों में मिलकर काम कर रहे हैं।
उन्होंने सरकारी और संसदीय संबंधों के साथ-साथ आर्थिक सहयोग को भी दोनों देशों के रिश्तों की मजबूती का आधार बताया।
PM मोदी से मुलाकात को लेकर क्या बोले पुतिन?
पुतिन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपनी शुभकामनाएं भी भेजीं। उन्होंने उम्मीद जताई कि शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के तहत होने वाले कार्यक्रम के दौरान उनकी प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात हो सकती है। पुतिन ने संकेत दिया कि इस साल दोनों नेताओं की दोबारा मुलाकात संभव है।
2026 का SCO शिखर सम्मेलन 31 अगस्त से 1 सितंबर तक किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में आयोजित होने वाला है। इस साल सम्मेलन की अध्यक्षता किर्गिस्तान कर रहा है। सम्मेलन की थीम “एससीओ के 25 वर्ष: स्थायी शांति, विकास और समृद्धि के लिए एक साथ” रखी गई है।
ऐसे में पुतिन और पीएम मोदी की संभावित मुलाकात भारत-रूस संबंधों के साथ-साथ ऊर्जा, रक्षा, व्यापार और वैश्विक मुद्दों पर भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।