नई दिल्ली: उत्तराखंड के हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली के बाद हुए कथित ‘शुद्धीकरण’ को लेकर सियासी विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की ओर से इस मामले को छुआछूत और दलितों के अपमान से जोड़कर उठाए जाने के बाद बीजेपी ने पलटवार किया है। बीजेपी ने राहुल गांधी पर उत्तराखंड की सामाजिक और सांस्कृतिक परंपराओं को समझे बिना इस मुद्दे को राजनीतिक रंग देने का आरोप लगाया है।
राहुल गांधी के बयान पर बीजेपी का हमला
बीजेपी का कहना है कि हल्द्वानी की घटना को राहुल गांधी जिस तरह पेश कर रहे हैं, वह स्थानीय सामाजिक परिस्थितियों और परंपराओं की पूरी जानकारी के बिना किया गया राजनीतिक बयान है। पार्टी ने आरोप लगाया कि इस मुद्दे के जरिए समाज में विभाजन पैदा करने की कोशिश की जा रही है।
यह विवाद तब शुरू हुआ जब 8 अगस्त को हल्द्वानी के रामलीला मैदान में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली हुई थी। इसके कुछ दिन बाद वहां कथित तौर पर सफाई और धार्मिक अनुष्ठान किए जाने की खबर सामने आई। कांग्रेस ने इसे खड़गे के दलित होने से जोड़ते हुए सवाल उठाए।
राहुल गांधी ने क्या कहा था?
29 अगस्त को राहुल गांधी ने इस मुद्दे को उठाते हुए आरोप लगाया था कि खड़गे की रैली के बाद कार्यक्रम स्थल का ‘शुद्धीकरण’ किया गया। उन्होंने इसे छुआछूत की मानसिकता से जोड़ते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मामले में कार्रवाई की मांग की थी।
राहुल गांधी ने कहा था कि अगर देश के इतने वरिष्ठ दलित नेता के साथ इस तरह का व्यवहार हो सकता है, तो आम दलितों को किन परिस्थितियों का सामना करना पड़ता होगा। इस बयान के बाद बीजेपी और कांग्रेस के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई।
बीजेपी ने बताया ‘विभाजनकारी राजनीति’
बीजेपी ने राहुल गांधी के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि कांग्रेस इस घटना को जातिगत मुद्दा बनाकर राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश कर रही है। पार्टी का कहना है कि उत्तराखंड की सामाजिक संरचना और स्थानीय परंपराओं को समझे बिना किसी धार्मिक कार्यक्रम को छुआछूत से जोड़ना उचित नहीं है।
बीजेपी ने यह भी दावा किया कि हल्द्वानी के स्थानीय वाल्मीकि समुदाय के कुछ लोगों ने कांग्रेस की ओर से लगाए गए आरोपों का समर्थन नहीं किया है।
विवाद के बीच राहुल गांधी पर FIR
इस विवाद ने तब और तूल पकड़ लिया जब राहुल गांधी के खिलाफ हल्द्वानी सिटी कोतवाली में एफआईआर दर्ज की गई। शिकायतकर्ता अमित कुमार ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने अपने बयान के जरिए अनुसूचित जाति समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचाई और घटना को गलत तरीके से पेश किया।
एफआईआर में भारतीय न्याय संहिता और एससी/एसटी एक्ट की धाराओं के तहत मामला दर्ज किए जाने की जानकारी सामने आई है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
कांग्रेस ने बीजेपी पर लगाया पलटवार
राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर के बाद कांग्रेस ने बीजेपी और उत्तराखंड सरकार पर निशाना साधा है। कांग्रेस का आरोप है कि कथित ‘शुद्धीकरण’ करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय राहुल गांधी पर मामला दर्ज किया गया।
कांग्रेस ने इसे राजनीतिक दबाव और दलित मुद्दों पर आवाज उठाने की कोशिश को दबाने का प्रयास बताया है। पार्टी ने इस मुद्दे को लेकर विरोध प्रदर्शन भी शुरू किए हैं।
अब आगे क्या?
हल्द्वानी का ‘शुद्धीकरण’ विवाद अब केवल एक स्थानीय घटना तक सीमित नहीं रह गया है। मामला राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर और बीजेपी-कांग्रेस के बीच बढ़ती राजनीतिक तकरार तक पहुंच चुका है।
एक तरफ बीजेपी इसे उत्तराखंड की सामाजिक-सांस्कृतिक पृष्ठभूमि को समझे बिना की जा रही राजनीति बता रही है, तो दूसरी तरफ कांग्रेस इसे जातिगत भेदभाव और छुआछूत के खिलाफ लड़ाई का मुद्दा बना रही है। ऐसे में आने वाले दिनों में इस विवाद पर राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने की संभावना है।