जम्मू-कश्मीर के बडगाम जिले के यूसमर्ग इलाके में सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच हुई मुठभेड़ में एक आतंकी मारा गया है। मुठभेड़ के बाद मौके से एक AK-47 राइफल और अन्य युद्ध सामग्री बरामद की गई है। इलाके में अभी भी सर्च ऑपरेशन जारी है।
खुफिया इनपुट पर शुरू हुआ था ऑपरेशन
सेना की चिनार कोर के मुताबिक, खुफिया जानकारी के आधार पर भारतीय सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और CRPF ने यूसमर्ग के ऊपरी जंगलों में स्थित अशदर गली इलाके में संयुक्त तलाशी अभियान शुरू किया था। अभियान के दौरान जवानों को संदिग्ध गतिविधि दिखाई दी।
सुरक्षाबलों ने जब संदिग्धों को चुनौती दी तो आतंकियों ने फायरिंग शुरू कर दी। इसके बाद दोनों तरफ से भीषण गोलीबारी हुई, जिसमें एक आतंकी मारा गया। सुरक्षाबलों ने घटनास्थल से AK-47 राइफल और अन्य युद्ध सामग्री बरामद की है।
रात में रोका गया था ऑपरेशन
मुठभेड़ की शुरुआत गुरुवार देर शाम हुई थी। अंधेरा होने के बाद ऑपरेशन को कुछ समय के लिए रोक दिया गया था। सुबह होते ही सुरक्षाबलों ने अभियान फिर शुरू कर दिया। अधिकारियों के मुताबिक, इलाके में अभी भी तलाशी अभियान चल रहा है और अन्य आतंकियों की मौजूदगी की आशंका को देखते हुए घेराबंदी जारी है।
कनाचक सेक्टर में पाकिस्तानी घुसपैठिया पकड़ा गया
इसी बीच जम्मू के कनाचक सेक्टर में BSF ने इंटरनेशनल बॉर्डर पार कर भारतीय क्षेत्र में दाखिल हुए एक संदिग्ध पाकिस्तानी नागरिक को हिरासत में लिया है। 44वीं बटालियन के जवानों ने गुरुवार सुबह BOP सोहन के पास उसे पकड़ा। उसकी पहचान नजीर सधीर के तौर पर हुई है, जो पाकिस्तान के सियालकोट जिले के लूनी गांव का रहने वाला बताया जा रहा है।
घुसपैठ का मकसद जानने के लिए पूछताछ
BSF फिलहाल नजीर से पूछताछ कर रही है। जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि उसने गलती से सीमा पार की या जानबूझकर भारतीय क्षेत्र में दाखिल हुआ। सुरक्षा एजेंसियां उसके प्रवेश के उद्देश्य और संभावित मंशा की भी जांच कर रही हैं।
सीमा पर पहले भी हुई हैं ऐसी घटनाएं
जम्मू की अंतरराष्ट्रीय सीमा पर घुसपैठ की कोशिशें पहले भी सामने आती रही हैं। मार्च में रामगढ़ सेक्टर में एक पाकिस्तानी नागरिक को पकड़ा गया था, जबकि जनवरी में रामगढ़ इलाके में चेतावनी के बावजूद भारतीय सीमा की ओर बढ़ रहे एक पाकिस्तानी नागरिक को BSF ने गोली मार दी थी।