अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पहले CEO एयर मार्शल (रिटायर्ड) जितेंद्र मिश्रा ने शुक्रवार को राम भक्तों से समर्थन और आशीर्वाद मांगा। ट्रस्ट की बैठक के बाद उन्होंने कहा कि नई व्यवस्था को समझने और योजनाओं को लागू करने में थोड़ा वक्त लगेगा, लेकिन जल्द ही इसका असर जमीन पर दिखाई देगा।
‘मुझे कुछ समय दें, जल्द दिखेगा बदलाव’
जितेंद्र मिश्रा ने राम भक्तों से सहयोग की अपील करते हुए कहा, “आपका विश्वास और आशीर्वाद हमारे साथ बना रहे। राम भक्तों का आशीर्वाद हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण है। आपके आशीर्वाद और विश्वास से हम आगे बढ़ेंगे। मुझे कुछ समय दें।”
उन्होंने बताया कि फिलहाल वह ट्रस्ट के पूरे सिस्टम और कामकाज को समझ रहे हैं। ट्रस्ट के सदस्यों से मुलाकात और राम मंदिर का दौरा करने के बाद उन्होंने अपनी योजनाओं पर काम शुरू कर दिया है। उनके मुताबिक, आने वाले दिनों में इसके परिणाम दिखाई देने लगेंगे।
भगवान राम की कृपा मानते हैं नई जिम्मेदारी
राम मंदिर ट्रस्ट का पहला CEO बनाए जाने पर जितेंद्र मिश्रा ने इसे भगवान राम का आशीर्वाद बताया। उन्होंने कहा, “भगवान श्री राम ने मुझे इतनी बड़ी जिम्मेदारी देकर मुझ पर अपनी कृपा बरसाई है। इससे अधिक कोई और क्या मांग सकता है?”
उन्होंने कहा कि ट्रस्ट के मार्गदर्शन में आगे की रणनीति तैयार की जाएगी। इसमें मंदिर की व्यवस्थाओं, प्रशासन और पारदर्शिता को लेकर भी काम किया जाएगा।
त्योहारों की तैयारियों और श्रद्धालुओं की सुविधा पर फोकस
ट्रस्ट की बैठक में आने वाले त्योहारों की तैयारियों के साथ राम भक्तों की सुविधा और सुरक्षा को लेकर भी चर्चा हुई। नए CEO की जिम्मेदारियों और अधिकारों को स्पष्ट करने के लिए ट्रस्ट की ओर से SOP तैयार की जानी है।
मिश्रा के सामने मंदिर की रोजमर्रा की व्यवस्था, प्रशासनिक कामकाज और विभिन्न परियोजनाओं के संचालन को बेहतर तरीके से आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी होगी।
राम मंदिर ट्रस्ट में हुआ बड़ा बदलाव
जितेंद्र मिश्रा की नियुक्ति के साथ ही राम मंदिर ट्रस्ट में प्रबंधन स्तर पर बड़ा बदलाव हुआ है। ट्रस्ट ने पहली बार CEO का पद बनाया है। इसके अलावा गोविंद देव गिरि को नया महासचिव और महेश भागचंदका को कोषाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। मदन मोहन पांडे, डॉ. निर्मला यादव और महेश भागचंदका को नए ट्रस्टी के तौर पर शामिल किया गया है। डॉ. निर्मला यादव ट्रस्ट की पहली महिला सदस्य हैं।
ऑपरेशन सिंदूर में संभाल चुके हैं अहम जिम्मेदारी
जितेंद्र मिश्रा अप्रैल 2026 में भारतीय वायुसेना से एयर मार्शल के पद से रिटायर हुए थे। वह पश्चिमी वायु कमान के एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ रह चुके हैं और ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भी इस कमान का नेतृत्व किया था। करीब चार दशक के सैन्य करियर के बाद अब उन्हें राम मंदिर ट्रस्ट की प्रशासनिक जिम्मेदारी सौंपी गई है।
दान से जुड़े विवाद के बाद बदली व्यवस्था
राम मंदिर की दान व्यवस्था से जुड़े विवाद के बाद ट्रस्ट के प्रबंधन में बदलाव की प्रक्रिया शुरू हुई थी। इसी क्रम में पहली बार CEO का पद बनाया गया और जितेंद्र मिश्रा को इसकी जिम्मेदारी दी गई। ट्रस्ट का उद्देश्य मंदिर की प्रशासनिक व्यवस्था को और बेहतर करना तथा श्रद्धालुओं के लिए सुविधाओं और प्रबंधन को मजबूत करना है।