‘मिर्जापुर’ के फैंस के लिए आखिरकार वो दिन आ गया, जिसका लंबे समय से इंतजार था। वेब सीरीज के बाद अब ‘मिर्जापुर: द मूवी’ सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है। पंकज त्रिपाठी, अली फजल, दिव्येंदु और रवि किशन जैसे कलाकारों से सजी यह फिल्म बड़े पर्दे पर उसी हिंसा, बदले, सत्ता की लड़ाई और देसी अंदाज को लेकर आती है, जिसके लिए यह फ्रेंचाइजी जानी जाती है। शुरुआती रिव्यूज में कलाकारों की परफॉर्मेंस की जमकर तारीफ हुई है, हालांकि कहानी की लंबाई और कुछ जगहों पर धीमी रफ्तार को लेकर सवाल भी उठे हैं।
कालीन भैया की वापसी से बढ़ा भौकाल
पंकज त्रिपाठी एक बार फिर कालीन भैया के किरदार में नजर आते हैं और उनकी मौजूदगी फिल्म की सबसे बड़ी ताकतों में से एक है। कई रिव्यूज में उनकी एक्टिंग को खास तौर पर सराहा गया है। कालीन भैया का ठहराव, अंदाज और डायलॉग डिलीवरी बड़े पर्दे पर भी अपना असर छोड़ती है।
अली फजल बने गुड्डू पंडित
अली फजल का गुड्डू पंडित वाला अंदाज भी फिल्म में बरकरार है। किरदार की आक्रामकता और बदले की भावना कहानी को आगे बढ़ाती है। पंकज त्रिपाठी और अली फजल की टक्कर फिल्म के प्रमुख आकर्षणों में शामिल है।
रवि किशन ने चुराई लाइमलाइट
रवि किशन की एंट्री फिल्म को एक अलग रंग देती है। बब्बन बबुआ के किरदार में वह अपने देसी अंदाज, कॉमिक टाइमिंग और दमदार स्क्रीन प्रेजेंस से छा जाते हैं। शुरुआती दर्शक प्रतिक्रियाओं और रिव्यूज में उनकी परफॉर्मेंस को खास तौर पर पसंद किया जा रहा है।
मुन्ना भैया की वापसी भी खास
दिव्येंदु की वापसी भी ‘मिर्जापुर’ के पुराने फैंस के लिए बड़ा आकर्षण है। मुन्ना भैया का किरदार फ्रेंचाइजी के सबसे लोकप्रिय किरदारों में रहा है और फिल्म में उनकी मौजूदगी दर्शकों को पुरानी ‘मिर्जापुर’ वाली फील देती है। सोशल मीडिया पर भी मुन्ना भैया की वापसी को लेकर काफी उत्साह देखने को मिला।
कहानी में भौकाल है, लेकिन लंबाई खलती है
फिल्म में एक्शन, हिंसा, गालियां, सत्ता की लड़ाई और पुराने किरदारों का नॉस्टैल्जिया भरपूर है। हालांकि कुछ समीक्षकों का मानना है कि बड़े पर्दे के लिए कहानी का स्केल तो बढ़ाया गया है, लेकिन इसकी लंबाई कई जगह अनुभव को थोड़ा खींच देती है। कुछ रिव्यूज में जरूरत से ज्यादा एक्सपोजिशन और धीमी रफ्तार का भी जिक्र किया गया है।
फैंस के लिए पैसा वसूल एंटरटेनमेंट?
‘मिर्जापुर’ के पुराने फैंस के लिए फिल्म में काफी कुछ ऐसा है जो उन्हें पसंद आ सकता है। पुराने किरदार, भौकाल, बदला, एक्शन और दमदार डायलॉग इसे फ्रेंचाइजी की दुनिया से जोड़े रखते हैं। वहीं जो दर्शक पहली बार इस दुनिया में प्रवेश कर रहे हैं, उनके लिए कहानी और किरदारों को समझने में थोड़ी मुश्किल हो सकती है।
हमारा फैसला
अगर आप ‘मिर्जापुर’ के फैन हैं और कालीन भैया, गुड्डू पंडित और मुन्ना भैया को बड़े पर्दे पर देखना चाहते हैं, तो यह फिल्म आपको निराश नहीं करेगी। पंकज त्रिपाठी और अली फजल मजबूत नजर आते हैं, जबकि रवि किशन कई मौकों पर शो चुरा लेते हैं। हालांकि करीब 197 मिनट की लंबाई और कुछ हिस्सों की धीमी गति फिल्म की कमजोरी है। कुल मिलाकर, ‘मिर्जापुर: द मूवी’ फैंस के लिए एक दमदार और एंटरटेनिंग सिनेमाई सफर है।