नई दिल्ली। केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए 8वें वेतन आयोग से जुड़ी अहम गतिविधियां जारी हैं। आयोग की अगली बैठकें 7 सितंबर से चेन्नई में शुरू होने जा रही हैं। दो दिनों तक चलने वाली इन बैठकों में केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के संगठनों के प्रतिनिधियों के अलावा अन्य संबंधित पक्ष भी हिस्सा लेंगे। बैठक में वेतन, पेंशन, भत्तों और कर्मचारियों से जुड़े दूसरे मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है।
जयपुर में हाल ही में हुई दो दिवसीय बैठक के बाद चेन्नई में होने वाला यह परामर्श भी काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। खासकर कर्मचारी और पेंशनर संगठन अपनी पुरानी मांगों को आयोग के सामने रखने की तैयारी में हैं।
सालाना इंक्रीमेंट बढ़ाने की मांग
बैठक में कर्मचारियों की ओर से सालाना वेतन वृद्धि का मुद्दा प्रमुखता से उठाया जा सकता है। कर्मचारी संगठनों का कहना है कि मौजूदा 3 फीसदी सालाना इंक्रीमेंट बढ़ती महंगाई और मौजूदा आर्थिक परिस्थितियों को देखते हुए पर्याप्त नहीं है।
संगठनों की मांग है कि सालाना इंक्रीमेंट को बढ़ाकर 5 से 7 फीसदी किया जाए। उनका तर्क है कि इससे कर्मचारियों की बेसिक सैलरी में बेहतर बढ़ोतरी हो सकेगी और महंगाई के बीच उनकी आय पर सकारात्मक असर पड़ेगा।
फिटमेंट फैक्टर बढ़ाने की भी मांग
8वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर को लेकर भी कर्मचारी संगठनों की नजरें टिकी हुई हैं। 7वें वेतन आयोग में 2.57 का फिटमेंट फैक्टर लागू किया गया था। अब कर्मचारी संगठन इससे ज्यादा फिटमेंट फैक्टर की मांग कर रहे हैं।
इसका सीधा असर न्यूनतम बेसिक पे पर पड़ सकता है। फिलहाल 7वें वेतन आयोग के तहत न्यूनतम बेसिक पे 18,000 रुपये है। कर्मचारी संगठन चाहते हैं कि 8वें वेतन आयोग में इसे पर्याप्त रूप से बढ़ाया जाए।
पेंशनर्स भी रखेंगे अपनी मांग
चेन्नई की बैठक में पेंशनभोगियों से जुड़े मुद्दे भी अहम रहेंगे। पेंशनर संगठन पुरानी पेंशन योजना की बहाली समेत कई मांगों को सामने रख सकते हैं। इसके अलावा लेवल 4 से लेवल 7 तक के सेवानिवृत्त कर्मचारियों की पेंशन में सुधार की मांग भी उठाई जा सकती है।
पेंशनर्स की एक प्रमुख मांग यह है कि 8वें वेतन आयोग के लागू होने के बाद सेवानिवृत्त कर्मचारियों को पहले की तुलना में बेहतर बेसिक पेंशन मिले।
₹58,000 या उससे ज्यादा पेंशन का दावा कितना सही?
लेवल 7 के कर्मचारियों के लिए रिटायरमेंट के बाद करीब 58,000 रुपये या उससे ज्यादा की बेसिक पेंशन मिलने की उम्मीद को लेकर चर्चा चल रही है। हालांकि, इसे अभी तय पेंशन राशि नहीं माना जा सकता।
अंतिम पेंशन कितनी होगी, यह कई महत्वपूर्ण चीजों पर निर्भर करेगा। इनमें सरकार की ओर से तय किया जाने वाला फिटमेंट फैक्टर और कर्मचारी के रिटायरमेंट के समय पे-मैट्रिक्स का स्टेज प्रमुख हैं।
7वें वेतन आयोग के तहत लेवल 7 में शुरुआती बेसिक पे 44,900 रुपये है, जबकि इस स्तर पर अधिकतम बेसिक पे 1,42,400 रुपये तक जाती है। ऐसे में अलग-अलग कर्मचारियों की अंतिम पेंशन भी उनकी वेतन स्थिति के आधार पर अलग हो सकती है।
ट्रांसफर और लॉजिस्टिक्स की समस्याओं पर भी चर्चा
बैठक में कर्मचारियों की पोस्टिंग और ट्रांसफर से जुड़ी लॉजिस्टिक्स संबंधी समस्याओं को भी उठाया जा सकता है। कर्मचारी संगठनों का कहना है कि देश के अलग-अलग हिस्सों में तैनाती के दौरान कर्मचारियों को आवास, स्थानांतरण और अन्य सुविधाओं से जुड़ी कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
सितंबर और अक्टूबर में कई शहरों में होंगी बैठकें
8वें वेतन आयोग के तहत अलग-अलग क्षेत्रों के कर्मचारी और पेंशनर संगठनों से परामर्श का सिलसिला आगे भी जारी रहेगा।
- 7-8 सितंबर 2026: चेन्नई में दक्षिण भारत के कर्मचारी और पेंशनर संगठनों के साथ बैठक
- 9 सितंबर 2026: पुडुचेरी में केंद्र शासित प्रदेश के स्थानीय यूनियनों के साथ परामर्श
- 16-18 सितंबर 2026: चंडीगढ़ में पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और चंडीगढ़ के हितधारकों के साथ चर्चा
- 7-8 अक्टूबर 2026: बेंगलुरु में कर्नाटक क्षेत्र के संगठनों के साथ बैठक
फिलहाल 8वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर, न्यूनतम वेतन, सालाना इंक्रीमेंट और पेंशन में बढ़ोतरी जैसे मुद्दों पर कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की उम्मीदें टिकी हुई हैं। हालांकि, अंतिम वेतन और पेंशन में कितनी बढ़ोतरी होगी, इसका फैसला सरकार की ओर से आयोग की सिफारिशों और अंतिम निर्णय के बाद ही स्पष्ट होगा।