फर्रुखाबाद: जिले में गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर ने तटीय इलाकों में गंभीर स्थिति पैदा कर दी है। जिला अधिकारी डॉ. अंकुर लाठर और पुलिस अधीक्षक कार्तिक सिंह ने संयुक्त रूप से तहसील कायमगंज के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने शमसाबाद अनाज मंडी में बनाए गए बाढ़ शरणालय स्थल का जायजा लिया और वहां मौजूद ग्रामीणों से सीधा संवाद किया।
प्रशासनिक आंकड़ों के अनुसार, पिछले कुछ दिनों में गंगा के कटान के कारण लगभग 38 घर पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गए हैं। जिला अधिकारी ने बताया कि प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करने के लिए मोबिलाइजेशन प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके अतिरिक्त, जो लोग अभी भी अपने घरों में हैं, उन्हें राहत किट वितरित की गई है।
स्वास्थ्य विभाग को भी अलर्ट पर रखा गया है, ताकि बाढ़ के कारण फैलने वाली बीमारियों को रोका जा सके। प्रभावित क्षेत्रों में मेडिकल कैंप स्थापित किए गए हैं, जहां डॉक्टरों की टीम लगातार निगरानी कर रही है। प्रशासन ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया है कि हर संभव मदद पहुंचाई जाएगी और स्थिति पर चौबीसों घंटे नजर रखी जा रही है।
कल रात को 15 घरों के कटान की सूचना आई थी और कुल 38 घर अब तक प्रभावित हुए हैं। प्रभावितों को राहत शिविरों में शिफ्ट किया गया है और मेडिकल कैंप लगाए गए हैं।
डॉ. अंकुर लाठर, जिला अधिकारी