कानपुर: में पिछले कुछ दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश और ऊपरी बांधों से छोड़े गए पानी के कारण गंगा नदी का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर गया है। नरौरा और हरिद्वार से लगातार पानी छोड़े जाने के कारण कानपुर के कटरी क्षेत्र में स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। नदी का पानी अब रिहायशी इलाकों और खेतों में प्रवेश कर चुका है, जिससे स्थानीय निवासियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
गांवों की गलियां और मुख्य संपर्क मार्ग जलमग्न हो गए हैं, जिसके कारण ग्रामीणों को आवागमन के लिए नावों और ट्रैक्टरों का सहारा लेना पड़ रहा है। बाढ़ का पानी खेतों में भरने से किसानों की खड़ी फसलों को भारी नुकसान हुआ है। प्रशासन ने निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
स्थानीय प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है और किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए तैयारी पूरी करने का दावा किया है। हालांकि, जलस्तर में लगातार हो रही वृद्धि के कारण ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे नदी के तटों के पास न जाएं और सुरक्षित स्थानों पर शरण लें।