BRICS Summit 2026: राजधानी दिल्ली में 12 और 13 सितंबर को होने वाले BRICS शिखर सम्मेलन को लेकर सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी कर दी गई है। सम्मेलन में कई देशों के राष्ट्राध्यक्ष और उनके प्रतिनिधियों के शामिल होने की संभावना है। इसे देखते हुए दिल्ली पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने व्यापक इंतजाम किए हैं।
भारत मंडपम समेत सम्मेलन से जुड़े प्रमुख स्थानों और विदेशी मेहमानों के ठहरने वाले होटलों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। सुरक्षा व्यवस्था के तहत करीब 25 हजार सुरक्षाकर्मियों, लगभग 30 DCP रैंक के अधिकारियों और 100 से ज्यादा NSG कमांडो की तैनाती की योजना है। वहीं, दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने वीआईपी काफिलों की आवाजाही को देखते हुए करीब 35 प्रमुख मार्गों की पहचान की है।
भारत मंडपम और होटलों में कड़ी सुरक्षा
BRICS सम्मेलन के दौरान भारत मंडपम में राष्ट्राध्यक्षों की अहम बैठकें होंगी, जबकि विदेशी मेहमान और अन्य गणमान्य लोग दिल्ली के अलग-अलग प्रमुख होटलों में ठहरेंगे। ऐसे में भारत मंडपम और आसपास के इलाकों में करीब 10 DCP रैंक के अधिकारियों की तैनाती की गई है। आयोजन स्थल और होटलों की सुरक्षा की जिम्मेदारी NSG कमांडो और दिल्ली पुलिस के SWAT जवानों को दी गई है। एयरपोर्ट से होटल और भारत मंडपम तक विदेशी मेहमानों के काफिलों की आवाजाही का कई बार रिहर्सल भी किया जा चुका है। आपात स्थिति से निपटने के लिए आयोजन स्थल और संबंधित होटलों में मॉक ड्रिल भी की गई है। सुरक्षा एजेंसियां लगातार संभावित खतरे और संवेदनशील स्थानों की निगरानी कर रही हैं।
25 हजार सुरक्षाकर्मी संभालेंगे सुरक्षा
BRICS Summit की सुरक्षा के लिए दिल्ली पुलिस के अलावा करीब 25 हजार सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की जाएगी। इनमें बड़ी संख्या में अर्धसैनिक बलों के जवान भी शामिल होंगे। CRPF, ITBP, BSF और RAF समेत अर्धसैनिक बलों के 10 हजार से अधिक जवानों को जरूरत पड़ने पर तत्काल तैनाती के लिए स्टैंडबाय पर रखा जाएगा। पूरी सुरक्षा व्यवस्था और विदेशी मेहमानों के काफिलों की आवाजाही पर नजर रखने के लिए भारत मंडपम और दिल्ली पुलिस मुख्यालय में दो कमांड रूम बनाए गए हैं।
35 रूट पर ट्रैफिक की निगरानी
विदेशी मेहमानों के काफिलों की आवाजाही को सुचारु बनाए रखने के लिए दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने करीब 35 प्रमुख मार्गों की पहचान की है। इन रास्तों पर CCTV कैमरों से निगरानी की जा रही है और सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की गई है। वहीं, करीब 22 मार्गों पर वैकल्पिक रास्तों की व्यवस्था करने की सलाह दी गई है। वीआईपी मूवमेंट के दौरान जरूरत के मुताबिक कुछ मार्गों पर ट्रैफिक को डायवर्ट किया जा सकता है। एयरपोर्ट, आयोजन स्थल और मेहमानों के होटलों के बीच काफिलों की आवाजाही के दौरान आम लोगों के लिए कुछ समय के लिए यातायात प्रतिबंध भी लागू किए जा सकते हैं।
सेंट्रल दिल्ली में कर्फ्यू जैसे हालात
BRICS सम्मेलन के दौरान लुटियंस दिल्ली और सेंट्रल दिल्ली के कई इलाकों में सुरक्षा को देखते हुए आवाजाही पर सख्ती रहेगी। BNSS की धारा 163 के तहत लोगों के एकत्र होने पर प्रतिबंध संबंधी आदेश लागू किए गए हैं। शनिवार और रविवार को सुरक्षा व्यवस्था और सख्त रहने की संभावना है। सरकार ने सम्मेलन के मद्देनजर शुक्रवार और शनिवार को अवकाश घोषित किया है। अदालतें भी बंद रहेंगी।
हालांकि, कनॉट प्लेस और चांदनी चौक जैसे प्रमुख बाजार खुले रहेंगे। महत्वपूर्ण स्मारकों को भी बंद नहीं किया जाएगा, क्योंकि विदेशी मेहमान या उनके परिवार के सदस्य इन स्थानों पर जा सकते हैं। उनकी सुरक्षा के लिए विशेष पुलिस टीमों की तैनाती की जाएगी।
सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर
BRICS Summit में चीन और रूस समेत कई देशों के शीर्ष नेताओं के शामिल होने की संभावना को देखते हुए दिल्ली पुलिस राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियों के साथ मिलकर काम कर रही है। आयोजन से पहले सुरक्षा व्यवस्था की कई स्तरों पर समीक्षा की जा रही है। अधिकारियों का फोकस इस बात पर है कि विदेशी मेहमानों की आवाजाही, सम्मेलन स्थल की सुरक्षा और दिल्ली के ट्रैफिक को बिना किसी बड़ी परेशानी के संभाला जा सके।