दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर दिशा सालियन की मौत के मामले में सीबीआई की एफआईआर में आदित्य ठाकरे का नाम सामने आने के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है। शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने अपने बेटे का बचाव करते हुए आरोपों को राजनीतिक मकसद से जोड़ दिया है। उन्होंने सवाल उठाया कि इस मामले में उनके परिवार के नाम को ही क्यों घसीटा जा रहा है।
उद्धव ठाकरे ने संभाजीनगर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि जांच होनी चाहिए, लेकिन किसी की छवि खराब करने की कोशिश नहीं होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि अगर उनके परिवार को बदनाम करने की कोशिश जारी रही तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
उद्धव ठाकरे ने क्या कहा?
उद्धव ठाकरे ने कहा कि दिशा सालियन की मौत एक दुखद घटना थी, लेकिन उनके और उनके परिवार का इस मामले से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने सवाल करते हुए कहा कि अगर नाम जोड़ने का यही तरीका है तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का नाम भी क्यों नहीं जोड़ा जाता।
उन्होंने कहा कि जांच एजेंसियां अपना काम करें, लेकिन जांच के नाम पर किसी का चरित्र हनन नहीं होना चाहिए। उद्धव ठाकरे ने चेतावनी दी कि अगर ऐसा जारी रहा तो उनकी पार्टी कानूनी रास्ता अपनाएगी।
आदित्य ठाकरे ने भी आरोपों को नकारा
आदित्य ठाकरे ने इससे पहले कहा था कि वह दिशा सालियन से कभी नहीं मिले और न ही उनकी उनसे कोई पहचान थी। उन्होंने अपने खिलाफ लगाए जा रहे आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए इसे पिछले कई वर्षों से चलाया जा रहा चरित्र हनन का प्रयास बताया। उन्होंने कहा कि सीबीआई को बिना किसी राजनीतिक दबाव के अपनी जांच आगे बढ़ानी चाहिए।
CBI की FIR में कई नाम
बॉम्बे हाई कोर्ट के आदेश के बाद सीबीआई ने सितंबर 2026 में दिशा सालियन की मौत के मामले में एफआईआर दर्ज की है। रिपोर्टों के मुताबिक, एफआईआर में आदित्य ठाकरे के अलावा डिनो मोरिया, रिया चक्रवर्ती, सूरज पंचोली समेत कई लोगों के नाम शामिल हैं, जिनकी भूमिका की जांच की जानी है। मामले में हत्या, आपराधिक साजिश और सबूत मिटाने जैसे आरोपों से जुड़ी धाराएं भी लगाई गई हैं।
हालांकि, एफआईआर में किसी व्यक्ति का नाम होना अपने आप में अपराध या दोष साबित नहीं करता। मामले की जांच अभी जारी है और आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
दिशा सालियन की मौत के मामले में नया मोड़
दिशा सालियन की 8 जून 2020 को मुंबई की एक इमारत से गिरने के बाद मौत हुई थी। उनकी मौत के कुछ दिनों बाद सुशांत सिंह राजपूत की भी मृत्यु हुई थी। दोनों घटनाओं के समय में नजदीकी होने के कारण लंबे समय से कई तरह के दावे और चर्चाएं होती रही हैं। अब बॉम्बे हाई कोर्ट के निर्देश के बाद सीबीआई इस मामले की नए सिरे से जांच कर रही है।
इसी बीच दिशा सालियन के पिता सतीश सालियन ने आदित्य ठाकरे और पूर्व महाराष्ट्र गृह मंत्री अनिल देशमुख को 500 करोड़ रुपये का कानूनी नोटिस भी भेजा है। उन्होंने दोनों नेताओं से सार्वजनिक माफी की मांग की है।