तेहरान: ईरान की राजधानी तेहरान में महिलाओं का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में कई महिलाएं बिना हिजाब या सिर पर स्कार्फ पहने 10 किलोमीटर की दौड़ में हिस्सा लेती नजर आ रही हैं। यह घटना ऐसे समय में हुई है जब ईरान में सार्वजनिक जगहों पर महिलाओं के लिए हिजाब पहनना अभी भी कानून का हिस्सा है।
यह दौड़ शुक्रवार को तेहरान के वेलायत पार्क में आयोजित की गई थी। ‘तेहरान 10K’ नाम की इस रेस में पुरुषों और महिलाओं के लिए अलग-अलग दौड़ रखी गई थी। महिलाओं की रेस में 10 किलोमीटर के कोर्स के दो चक्कर लगाए गए। इस दौरान कई महिला प्रतिभागी बिना सिर ढके दौड़ती दिखाई दीं।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
रेस में बिना हिजाब दौड़ती महिलाओं के वीडियो सामने आने के बाद यह घटना चर्चा में आ गई। खास बात यह है कि कुछ वीडियो ईरान से जुड़े सरकारी सोशल मीडिया अकाउंट्स पर भी शेयर किए गए। इससे यह सवाल भी उठ रहा है कि सार्वजनिक कार्यक्रमों में हिजाब नियमों को किस तरह लागू किया जा रहा है।
इस घटना की तुलना इससे पहले किश द्वीप पर हुई महिलाओं की सड़क दौड़ से भी की जा रही है। वहां बिना सिर ढके दौड़ने वाली कुछ प्रतिभागियों के खिलाफ अधिकारियों ने कार्रवाई की थी।
ईरान में अभी भी लागू है हिजाब कानून
ईरान में महिलाओं के लिए सार्वजनिक जगहों पर सिर ढकना अनिवार्य है। हालांकि 2022 में महसा अमीनी की मौत के बाद शुरू हुए ‘वुमन, लाइफ, फ्रीडम’ आंदोलन के बाद से कई महिलाएं सार्वजनिक स्थानों पर बिना हिजाब के दिखाई देती रही हैं।
हालिया वर्षों में तेहरान के कुछ इलाकों में हिजाब नियमों का पालन पहले की तुलना में कम सख्ती से होता दिखाई दिया है। हालांकि कानून औपचारिक रूप से अभी भी लागू है और सरकारी दफ्तरों तथा कई आधिकारिक स्थानों पर महिलाओं के लिए सिर ढकना जरूरी है।
2022 के आंदोलन के बाद बदला माहौल
हिजाब को लेकर ईरान में विवाद 2022 के बाद से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा का विषय रहा है। 22 वर्षीय महसा अमीनी की मोरलिटी पुलिस की हिरासत में मौत के बाद बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हुए थे। इसके बाद कई महिलाओं ने सार्वजनिक जगहों पर अनिवार्य हिजाब नियमों का विरोध करते हुए बिना सिर ढके बाहर निकलना शुरू किया।
तेहरान की इस 10K रेस में बिना हिजाब दौड़ती महिलाओं के वीडियो को इसी लंबे सामाजिक विवाद के संदर्भ में देखा जा रहा है। हालांकि इस खास दौड़ में शामिल महिलाओं ने सार्वजनिक रूप से इसे विरोध प्रदर्शन के रूप में पेश किया या नहीं, इसकी स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध रिपोर्टों में नहीं है।