देश में मॉनसून की विदाई का समय नजदीक आ गया है, लेकिन जाने से पहले बारिश का एक और दौर शुरू हो गया है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने शनिवार को उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, मध्य प्रदेश समेत 12 राज्यों में बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। कई राज्यों में तेज बारिश का दौर जारी है, जबकि पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी शुरू होने से तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है।
12 राज्यों में बारिश का अलर्ट
IMD के मुताबिक उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, ओडिशा, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, पश्चिम बंगाल और झारखंड में बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। वहीं महाराष्ट्र और गुजरात में भी बारिश का दौर जारी है। गुजरात में भारी बारिश के बाद अहमदाबाद के कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी। मौसम विभाग ने राज्य में अगले कुछ दिनों तक बारिश की संभावना जताई है।
यूपी-बिहार में तेज बारिश का दौर
उत्तर प्रदेश और बिहार में लगातार बारिश के कारण कई इलाकों में हालात प्रभावित हुए हैं। बारिश के चलते गंगा नदी का जलस्तर भी बढ़ा है। IMD ने उत्तर प्रदेश के 39 जिलों और बिहार के 20 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। लगातार बारिश के कारण कुछ इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति भी बनी हुई है। लोगों को स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की चेतावनियों पर ध्यान देने की सलाह दी गई है।
पहाड़ों में बर्फबारी, तापमान में गिरावट
उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी शुरू हो गई है। उत्तराखंड के चमोली और हेमकुंड साहिब में बर्फबारी के बाद केदारनाथ यात्रा को लेकर भी सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। केदारनाथ और रुद्रनाथ जैसे ऊंचाई वाले इलाकों में तापमान तेजी से नीचे गया है। पहाड़ों में मौसम बदलने का असर आने वाले दिनों में मैदानी इलाकों में भी देखने को मिल सकता है।
गुजरात में भी बारिश का असर
गुजरात में शुक्रवार को हुई भारी बारिश के बाद अहमदाबाद के कई हिस्सों में पानी भर गया। सड़क और अंडरपास भी जलभराव से प्रभावित हुए। मौसम विभाग के अनुसार वडोदरा, भरूच, नर्मदा, सूरत, तापी, वलसाड, डांग, पंचमहल, दाहोद और महीसागर में बारिश की संभावना है।
सितंबर के आखिरी हफ्ते से लौटेगा मॉनसून
IMD के मुताबिक सितंबर के आखिरी सप्ताह से दक्षिण-पश्चिम मॉनसून की वापसी शुरू हो सकती है। हालांकि इससे पहले देश के कई हिस्सों में बारिश का एक और दौर देखने को मिल सकता है। मॉनसून की विदाई के साथ पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी बढ़ने और तापमान में गिरावट आने की संभावना है। इसका असर धीरे-धीरे मैदानी राज्यों में भी दिख सकता है।