राजस्थान के आदिवासी क्षेत्रों में स्थित सरकारी स्कूलों की स्थिति बेहद चिंताजनक बनी हुई है। सिटिजन्स फॉर जस्टिस एंड पीस (CJP) की एक हालिया रिपोर्ट में इन स्कूलों के हालात की पोल खोली गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, कई आदिवासी स्कूलों में बच्चों के लिए पीने का साफ पानी तक उपलब्ध नहीं है और स्कूलों के चारों तरफ बाउंड्री वॉल भी नहीं बनी है।
जांच में सामने आया है कि इन स्कूलों में बुनियादी ढांचे का भारी अभाव है। खाली पड़ी जमीन पर स्कूल चल रहे हैं, लेकिन वहां पढ़ाई और बच्चों की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं हैं। मूलभूत सुविधाओं की इस कमी के कारण विद्यार्थियों और शिक्षकों दोनों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
रिपोर्ट में बताया गया है कि राजस्थान के इन इलाकों के विद्यालयों में बच्चों के विकास और उनकी बुनियादी जरूरतों को पूरा करने के लिए प्रशासन को तुरंत ठोस कदम उठाने की जरूरत है। सुविधाओं के नाम पर इन स्कूलों में केवल खानापूर्ति की जा रही है, जिससे आदिवासी बच्चों की शिक्षा पर बुरा असर पड़ रहा है।