आईआईटी बॉम्बे (IIT Bombay) में एक छात्र की आत्महत्या के मामले में लगातार नए खुलासे हो रहे हैं। इस दुखद घटना के बाद से ही यह सवाल उठ रहा है कि क्या छात्र की मौत की वजह कैंपस में होने वाला जातिगत भेदभाव था?
परिजनों और छात्र संगठनों की ओर से लगाए गए गंभीर आरोपों के बाद मामले की जांच के दायरे को बढ़ा दिया गया है। जांच एजेंसियां इस बात की गहराई से पड़ताल कर रही हैं कि क्या मृतक को किसी प्रकार की मानसिक प्रताड़ना या भेदभाव का सामना करना पड़ा था, जिसके कारण उसने यह कदम उठाया।
संस्थान स्तर पर भी इस मामले की आंतरिक जांच जारी है ताकि सच्चाई सामने आ सके। इस घटना के बाद से तकनीकी शिक्षण संस्थानों में छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य और परिसरों में समानता के माहौल को लेकर एक बार फिर बड़ी बहस छिड़ गई है।