मंत्री बनने पर जेसीबी से खुदाई करने की सलाह देने वाले सपा विधायक इंद्रजीत हुए ट्रोल

समाजवादी पार्टी के विधायक इंद्रजीत का एक बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वह कार्यकर्ताओं को अजीब सलाह देते नजर आ रहे हैं।

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले राजनीतिक दलों ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी बीच समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव और मंझनपुर विधायक इंद्रजीत सरोज का एक बयान चर्चा में है। कौशांबी में सपा के बूथ स्तरीय सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में सपा की सरकार बनने पर वह मंत्री बनेंगे।

इंद्रजीत सरोज ने कार्यकर्ताओं से कहा कि सरकार बनने के बाद रोजगार के अवसर बढ़ाए जाएंगे और जिले का विकास किया जाएगा। इसी दौरान उन्होंने बालू खनन को लेकर भी बयान दिया। उन्होंने कहा कि “जेसीबी वाले, डंपर वाले तैयार रहें, खूब खनन करेंगे।” उनके इस बयान के बाद राजनीतिक चर्चा तेज हो गई है।

सरकार बनी तो मंत्री बनने का दावा

इंद्रजीत सरोज ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि सपा की सरकार बनने पर उन्हें मंत्री बनने से कोई रोक नहीं पाएगा। उन्होंने कहा कि पार्टी के बुरे दौर में साथ रहने वाले कार्यकर्ताओं को भी सरकार बनने के बाद काम और रोजगार के अवसर मिलेंगे।

उन्होंने कहा कि कार्यकर्ता मजबूत रहेगा तो वह भी मजबूत रहेंगे और इसी के जरिए क्षेत्र में विकास का काम आगे बढ़ेगा।

बालू खनन को लेकर क्या बोले?

कौशांबी और आसपास के इलाकों में बालू खनन लंबे समय से राजनीतिक और प्रशासनिक चर्चा का विषय रहा है। इसी संदर्भ में इंद्रजीत सरोज ने अपने संबोधन में जेसीबी और डंपर संचालकों का जिक्र किया।

उन्होंने कहा कि सपा सरकार बनने के बाद “खूब खनन” किया जाएगा। यह बयान ऐसे समय आया है जब क्षेत्र में अवैध खनन के खिलाफ प्रशासन की कार्रवाई भी चर्चा में रही है।

मायावती पर भी साधा निशाना

इंद्रजीत सरोज ने अपने भाषण में बहुजन समाज पार्टी प्रमुख मायावती पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि उन्हें बसपा से बेइज्जत करके निकाला गया था।

उन्होंने बसपा के मौजूदा राजनीतिक हालात पर भी टिप्पणी की और मायावती की नीतियों को लेकर अपनी आलोचना रखी। ये बातें उन्होंने अपने संबोधन के दौरान कही हैं।

कौन हैं इंद्रजीत सरोज?

इंद्रजीत सरोज कौशांबी की मंझनपुर विधानसभा सीट से विधायक और समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव हैं। उनका जन्म 1 जनवरी 1963 को कौशांबी के नगरेहा खुर्द में हुआ था। उन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई की।

उन्होंने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत बहुजन समाज पार्टी से की थी और लंबे समय तक बसपा में रहे। वर्ष 1996 में बसपा ने उन्हें पहली बार मंझनपुर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ाया, जहां वह जीतने में सफल रहे। मायावती सरकार के दौरान वह कई बार मंत्री भी रहे।

वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में हार के बाद उनका बसपा नेतृत्व से राजनीतिक मतभेद हुआ। इसके बाद 2018 में उन्होंने समाजवादी पार्टी का दामन थाम लिया। वर्ष 2019 में उन्हें सपा का राष्ट्रीय महासचिव बनाया गया। 2022 में उन्होंने मंझनपुर सीट से दोबारा जीत दर्ज की।

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