क्रिकेट इतिहास में कई ऐसे मैच हुए हैं जो अपने रोमांच के लिए नहीं, बल्कि मैदान पर बरसे कहर के लिए याद किए जाते हैं। ऐसा ही एक मुकाबला वेस्टइंडीज के किंग्सटन स्थित सबीना पार्क में खेला गया था। यह मैच भारतीय क्रिकेट इतिहास के सबसे डरावने और संघर्षपूर्ण मुकाबलों में गिना जाता है।
सबीना पार्क की पिच अपनी उछाल और पेस के लिए कुख्यात रही है। उस मैच में वेस्टइंडीज के तेज गेंदबाजों ने भारतीय बल्लेबाजों पर ऐसा कहर बरपाया कि गेंदें शरीर पर आकर लग रही थीं। कैरेबियन गेंदबाजों की रफ्तार इतनी भयानक थी कि बल्लेबाजों के पास संभलने का मौका तक नहीं था।
इस मुकाबले के दौरान भारतीय खिलाड़ियों को गंभीर चोटें आईं। स्थिति यह हो गई थी कि पिच खिलाड़ियों के खून से लाल हो गई थी। शरीर पर कई जगह गेंद लगने के बावजूद भारतीय खिलाड़ियों ने मैदान पर डटकर मुकाबला किया और हार नहीं मानी।
क्रिकेट प्रेमियों के बीच यह टेस्ट मैच आज भी उस जज्बे और संघर्ष के लिए याद किया जाता है, जो भारतीय खिलाड़ियों ने उस जानलेवा पिच पर दिखाया था। यह मुकाबला खेल के इतिहास के सबसे कठिन और साहसिक अध्यायों में से एक माना जाता है।