नई दिल्ली। एशियन गेम्स 2026 में भारतीय एथलेटिक्स टीम ने पुरुषों की जैवलिन थ्रो स्पर्धा में शानदार प्रदर्शन किया। भारत के यशवीर सिंह ने सिल्वर मेडल, जबकि रोहित यादव ने ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया। दोनों भारतीय खिलाड़ियों ने एक ही स्पर्धा में पोडियम पर जगह बनाकर भारत को डबल पोडियम दिलाया।
यशवीर सिंह ने आखिरी थ्रो में बदली तस्वीर
यशवीर सिंह ने अपने छठे और आखिरी प्रयास में 85.72 मीटर का थ्रो किया। यह उनका पर्सनल बेस्ट प्रदर्शन रहा और इसी थ्रो के साथ उन्होंने सिल्वर मेडल पक्का किया। उनका इससे पिछला सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 85.41 मीटर था।
यशवीर ने प्रतियोगिता के दौरान लगातार अपने प्रदर्शन में सुधार किया। आखिरी प्रयास में आया 85.72 मीटर का थ्रो उनके लिए निर्णायक साबित हुआ।
रोहित यादव ने 84.35 मीटर दूर भाला फेंका
भारत के दूसरे जैवलिन थ्रोअर रोहित यादव ने 84.35 मीटर का सर्वश्रेष्ठ थ्रो करते हुए ब्रॉन्ज मेडल जीता। उनका यह प्रदर्शन तीसरे प्रयास में आया। इसके साथ ही रोहित ने भी पोडियम पर अपनी जगह बनाई।
इस तरह पुरुषों की जैवलिन थ्रो स्पर्धा में भारत ने सिल्वर और ब्रॉन्ज दोनों मेडल हासिल किए।
श्रीलंका के रुमेश पथिरागे ने जीता गोल्ड
स्पर्धा का गोल्ड मेडल श्रीलंका के रुमेश पथिरागे ने जीता। उन्होंने 88.55 मीटर का सर्वश्रेष्ठ थ्रो किया। इस प्रदर्शन के साथ वह यशवीर और रोहित से आगे रहे। पाकिस्तान के ओलंपिक चैंपियन अरशद नदीम 80.29 मीटर के थ्रो के साथ चौथे स्थान पर रहे।
नीरज चोपड़ा की गैरमौजूदगी में भारत का डबल पोडियम
इस बार एशियन गेम्स में भारत के स्टार जैवलिन थ्रोअर नीरज चोपड़ा हिस्सा नहीं ले रहे हैं। चोट के कारण उन्हें प्रतियोगिता से बाहर होना पड़ा। नीरज ने 2018 और 2023 एशियन गेम्स में पुरुषों की जैवलिन थ्रो में गोल्ड मेडल जीता था।
उनकी गैरमौजूदगी में यशवीर सिंह और रोहित यादव ने भारत के लिए सिल्वर और ब्रॉन्ज जीतकर पोडियम पर जगह बनाई।
एशियन गेम्स में भारत का लगातार दूसरा डबल पोडियम
पुरुषों की जैवलिन थ्रो में यह लगातार दूसरी एशियन गेम्स है, जब भारत के दो खिलाड़ियों ने एक साथ पोडियम पर जगह बनाई है। 2023 के हांगझोउ एशियन गेम्स में नीरज चोपड़ा ने गोल्ड और किशोर जेना ने सिल्वर मेडल जीता था।
2026 में यशवीर और रोहित की उपलब्धि ने इस प्रदर्शन को एक बार फिर दोहराया है।
यशवीर के लिए पर्सनल बेस्ट, रोहित का अहम मेडल
यशवीर सिंह के लिए यह पदक खास रहा क्योंकि उन्होंने फाइनल में अपना व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन दर्ज किया। उन्होंने आखिरी प्रयास में 85.72 मीटर भाला फेंककर सिल्वर हासिल किया।
वहीं रोहित यादव ने 84.35 मीटर के थ्रो के साथ ब्रॉन्ज अपने नाम किया। दोनों के पदक ने एशियन गेम्स 2026 में भारतीय एथलेटिक्स के अभियान में दो और मेडल जोड़ दिए।