कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर की गई आपत्तिजनक टिप्पणी पर राजनीतिक विवाद गहरा गया है रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोमवार को खरगे के बयान की आलोचना करते हुए इसे देश का अपमान और राजनीति की गरिमा के खिलाफ बताया. उन्होंने कांग्रेस को नसीहत दी कि राजनीतिक विरोध करते समय व्यक्तिगत मर्यादा का ध्यान रखना चाहिए.
‘यह किसी व्यक्ति नहीं, पूरे भारत का अपमान’
राजनाथ सिंह ने कहा कि खरगे की टिप्पणी केवल किसी व्यक्ति या परिवार का अपमान नहीं है, बल्कि इससे पूरे देश का अपमान हुआ है. उनके मुताबिक, इस तरह के बयान राजनीति की गरिमा को भी ठेस पहुंचाते हैं. रक्षा मंत्री ने कहा कि लोकतंत्र में सरकार की नीतियों का विरोध करना, सवाल उठाना और उसकी आलोचना करना विपक्ष का अधिकार है. हालांकि, उन्होंने जोर दिया कि राजनीतिक मतभेदों के बीच व्यक्तिगत मर्यादा की सीमाएं पार नहीं की जानी चाहिए.
राजनाथ सिंह ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी राजनीतिक रूप से कमजोर होने के साथ-साथ वैचारिक रूप से भी पतन की ओर बढ़ रही है. उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता हर बात पर नजर रखती है और समय आने पर अपना जवाब देती है. उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह की टिप्पणियों से प्रधानमंत्री मोदी विचलित नहीं होंगे और न ही जनता की सेवा करने के उनके संकल्प पर कोई असर पड़ेगा.
‘गलती मानने के बजाय बयान को सही ठहरा रही कांग्रेस’
राजनाथ सिंह ने आरोप लगाया कि कांग्रेस खरगे की टिप्पणी पर खेद जताने के बजाय उसका बचाव कर रही है. उन्होंने कहा कि पार्टी के नेता बयान को सही ठहराने की कोशिश कर लोगों की भावनाओं को और आहत कर रहे हैं. रक्षा मंत्री के अनुसार, कांग्रेस को अपनी गलती स्वीकार करते हुए खेद व्यक्त करना चाहिए था, लेकिन इसके बजाय वह टिप्पणी के समर्थन में तर्क दे रही है.
पटना के कार्यक्रम में खरगे ने की थी टिप्पणी
यह विवाद पटना में बिहार के पहले मुख्यमंत्री कृष्ण सिन्हा की 139वीं जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान शुरू हुआ. कार्यक्रम में मल्लिकार्जुन खरगे भाषण दे रहे थे, तभी वहां मौजूद एक व्यक्ति ने उन्हें बीच में टोकते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी कहीं नहीं जाएंगे. इसके जवाब में खरगे ने प्रधानमंत्री को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी कर दी, जिसके बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाएं सामने आने लगीं. राजनाथ सिंह ने इस घटना पर दुख जताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के दिवंगत पिता को लेकर की गई टिप्पणी से वह स्तब्ध हैं. उन्होंने इसे अनुचित बताते हुए राजनीतिक संवाद में मर्यादा बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया.