नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश के लोगों के लिए आने वाले दिनों में रेल सफर की तस्वीर बदल सकती है. देश में हाईस्पीड रेल नेटवर्क के विस्तार की दिशा में एक बड़ी घोषणा सामने आई है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुलेट ट्रेन के उत्तरी कॉरिडोर को मंजूरी दे दी है. इस परियोजना के पूरा होने के बाद दिल्ली से वाराणसी यानी काशी तक का सफर महज साढ़े तीन घंटे में पूरा करने का दावा किया जा रहा है. इससे उत्तर प्रदेश को पहली बुलेट ट्रेन मिलने का रास्ता भी साफ होता नजर आ रहा है.
इसी बीच वाराणसी में गंगा नदी पर बनने वाले नए सिग्नेचर ब्रिज को लेकर भी बड़ा अपडेट सामने आया है. रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने निर्माण स्थल का निरीक्षण किया और बताया कि इस पुल का नाम ‘नमो ब्रिज’ रखा जाएगा. यह डबल डेकर पुल सड़क और रेल, दोनों तरह की कनेक्टिविटी को मजबूत करेगा. माना जा रहा है कि इससे काशी के बुनियादी ढांचे और परिवहन व्यवस्था को नई रफ्तार मिलेगी.
2029 तक तैयार होगा 2.5 किलोमीटर लंबा नमो ब्रिज
गंगा नदी पर बनने वाला नमो ब्रिज करीब 2.5 किलोमीटर लंबा होगा. इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर लगभग 2,657 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे और इसे 2029 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है. यह एक डबल डेकर हाइब्रिड ब्रिज होगा, जिसके ऊपरी हिस्से में छह लेन का सड़क मार्ग और निचले हिस्से में चार रेल लाइनें बनाई जाएंगी. ब्रिज के तैयार होने से काशी रेलवे स्टेशन की कनेक्टिविटी बेहतर होगी. इसके अलावा काशी विश्वनाथ मंदिर और नमो घाट जैसे प्रमुख पर्यटन एवं धार्मिक स्थलों तक पहुंचना भी आसान हो सकेगा. इससे शहर के यातायात को व्यवस्थित करने में भी मदद मिलने की उम्मीद है.
100 से ज्यादा अतिरिक्त ट्रेनों के संचालन का रास्ता होगा साफ
नमो ब्रिज का सबसे बड़ा फायदा वाराणसी के साथ-साथ बिहार और पूर्वांचल के रेल यात्रियों को मिलने की उम्मीद है. इस पुल के निर्माण से 100 से अधिक अतिरिक्त ट्रेनों के संचालन की संभावना बनेगी. इससे मौजूदा रेल नेटवर्क पर ट्रेनों का दबाव कम होगा और यात्रियों को बेहतर रेल सुविधाएं मिल सकेंगी. यह पुल तीन दिशाओं से वाराणसी की कनेक्टिविटी को मजबूत करेगा. इसके अलावा शहर में लगने वाले लंबे जाम से राहत मिलने की भी उम्मीद है. पुल का एक सिरा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गोद लिए गांव की ओर और दूसरा नमो घाट की तरफ होगा.
बुलेट ट्रेन का किराया हवाई जहाज से कम रखने की तैयारी
बुलेट ट्रेन परियोजना को लेकर रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने किराये पर भी अहम बात कही है. उन्होंने कहा कि कुछ लोग बुलेट ट्रेन को केवल अमीरों की सुविधा बताकर भ्रम फैलाने की कोशिश करेंगे, लेकिन सरकार का उद्देश्य विकास का लाभ किसानों, मध्यम वर्ग और गरीबों तक पहुंचाना है. रेल मंत्री के मुताबिक, दिल्ली से वाराणसी के बीच बुलेट ट्रेन का किराया हवाई जहाज के टिकट से कम रखने की योजना है. अगर यह योजना निर्धारित समय और प्रस्तावित सुविधाओं के साथ आगे बढ़ती है, तो दिल्ली और काशी के बीच यात्रा करने वाले लोगों को तेज और सुविधाजनक सफर का विकल्प मिल सकता है.


