INDIA गठबंधन की रैली से दिल्ली के कारोबार पर संकट! त्योहारों में रैली क्यों? व्यापारियों ने पूछा- दिवाली के बाद……….?

दिल्ली के रामलीला मैदान में रविवार, 1 नवंबर को INDIA गठबंधन की महारैली आयोजित होने जा रही है. रैली में बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना के बीच राजधानी के व्यापारिक संगठनों ने कारोबार पर पड़ने वाले असर को लेकर चिंता जताई है.
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INDIA गठबंधन की रैली से दिल्ली के कारोबार पर संकट

दिल्ली के रामलीला मैदान में रविवार, 1 नवंबर को INDIA गठबंधन की महारैली आयोजित होने जा रही है. रैली में बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना के बीच राजधानी के व्यापारिक संगठनों ने कारोबार पर पड़ने वाले असर को लेकर चिंता जताई है. चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी को इस संबंध में चौथी बार पत्र लिखकर व्यापारियों की परेशानियों से अवगत कराया है.

CTI का दावा है कि रैली के कारण दिल्ली की करीब 2.5 लाख दुकानें बंद रह सकती हैं. रामलीला मैदान के आसपास 10 किलोमीटर के दायरे में परिवहन व्यवस्था प्रभावित होने और कारोबार के करीब 80 फीसदी तक प्रभावित होने की आशंका है. हालांकि राहुल गांधी ने रैली में शामिल होने आ रहे लोगों से दिल्ली के बाजारों में खरीदारी करने की अपील की है. CTI ने इस अपील का स्वागत किया है, लेकिन संगठन का कहना है कि जमीनी हालात इसके उलट नजर आ रहे हैं.

त्योहारों के बीच रैली पर व्यापारियों ने उठाए सवाल

व्यापारियों के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या इस रैली का आयोजन दिवाली के बाद नहीं किया जा सकता था? त्योहारों के दौरान बाजारों में ग्राहकों की आवाजाही और माल की आपूर्ति कारोबार के लिए बेहद अहम होती है. ऐसे समय में बड़े राजनीतिक आयोजन से ट्रैफिक और परिवहन प्रभावित होने पर व्यापारियों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है.

सवाल यह भी है कि अगर रैली के कारण दुकानों तक ग्राहक नहीं पहुंच पाते और माल की सप्लाई बाधित होती है, तो इस नुकसान की जिम्मेदारी कौन लेगा? क्या त्योहारों के बीच इस तरह के आयोजन से व्यापारियों की मुश्किलें बढ़ाना उचित है? व्यापारियों की चिंता है कि राजनीतिक विरोध-प्रदर्शन के बीच उनके कारोबार और रोजी-रोटी पर पड़ने वाले असर को भी गंभीरता से देखा जाना चाहिए.

10 किलोमीटर के दायरे में ट्रांसपोर्ट ठप होने की आशंका

CTI ने सबसे ज्यादा चिंता माल की आवाजाही को लेकर जताई है. संगठन के मुताबिक रामलीला मैदान के आसपास करीब 10 किलोमीटर के दायरे में परिवहन गतिविधियां प्रभावित हो सकती हैं. CTI का कहना है कि नरेला, बवाना, ओखला, मायापुरी और मुंडका समेत दिल्ली के 56 औद्योगिक क्षेत्रों से रोजाना करीब 5 हजार ट्रक और टेंपो बाजारों तक सामान पहुंचाते हैं. इसके अलावा लगभग 3 हजार वाहन दिल्ली से एनसीआर और दूसरे राज्यों के लिए माल लेकर रवाना होते हैं. संगठन को आशंका है कि रैली के दौरान ट्रैफिक प्रतिबंध और जाम के कारण लोडिंग-अनलोडिंग प्रभावित हो सकती है. इससे त्योहारों के लिए मंगाया गया सामान गोदामों में ही फंसा रह सकता है और दुकानदारों को समय पर माल नहीं मिल पाएगा.

दिल्ली के बाहर से आने वाले ग्राहक भी हो सकते हैं प्रभावित

CTI के अनुसार सोनीपत, पानीपत, गुरुग्राम, फरीदाबाद, गाजियाबाद, नोएडा और मेरठ जैसे शहरों से रोजाना करीब 3 से 4 लाख ग्राहक खरीदारी के लिए दिल्ली पहुंचते हैं. रैली और संभावित ट्रैफिक जाम को देखते हुए कई ग्राहक बाजारों की स्थिति के बारे में जानकारी ले रहे हैं. CTI को डर है कि रास्तों में परेशानी और आवाजाही प्रभावित होने के चलते बड़ी संख्या में ग्राहक इस बार दिल्ली आने से बच सकते हैं. इसका सीधा असर त्योहारों के दौरान होने वाली बिक्री पर पड़ सकता हैं.

राहुल गांधी की अपील का CTI ने किया स्वागत

राहुल गांधी ने रैली में आने वाले लोगों से दिल्ली के बाजारों में जाकर खरीदारी करने की अपील की है. CTI ने इस पहल का स्वागत किया है, लेकिन संगठन का मानना है कि केवल अपील से व्यापारियों की समस्या हल नहीं होगी. इसके लिए ट्रैफिक, परिवहन और बाजारों तक ग्राहकों की पहुंच को लेकर ठोस व्यवस्था जरूरी है.

अब बड़ा सवाल यही है कि राजनीतिक रैली और व्यापारिक गतिविधियों के बीच संतुलन कैसे बनाया जाएगा, ताकि विरोध-प्रदर्शन भी हो और त्योहारों के दौरान कारोबारियों को भारी नुकसान भी न उठाना पड़े…

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