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आगरा में अवैध रूप से रह रहे 38 बांग्लादेशी डिपोर्ट, अवैध घुसपैठ पर योगी सरकार का बड़ा एक्शन

अवैध घुसपैठ के खिलाफ सरकार का बड़ा कदम

उत्तर प्रदेश में अवैध घुसपैठियों के खिलाफ योगी सरकार की सख्ती लगातार जारी है। इसी कड़ी में, आगरा से एक बड़ी खबर सामने आई है जहां चोरी-छिपे रह रहे 38 बांग्लादेशी नागरिकों को उनके देश वापस भेजने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। ये सभी नागरिक फर्जी दस्तावेज़ों के सहारे आगरा के विभिन्न इलाकों में अपनी पहचान छिपाकर रह रहे थे, लेकिन अब कानूनी कार्रवाई पूरी होने के बाद उन्हें वापस बांग्लादेश भेजा जा रहा है।

इन सभी बांग्लादेशी नागरिकों ने बिना किसी वैध पासपोर्ट या वीजा के अवैध तरीके से भारत में प्रवेश किया था। वे मुख्य रूप से आगरा के झुग्गी-झोपड़ियों वाले इलाकों में मजदूरी करके अपना जीवन चला रहे थे। चौंकाने वाली बात यह थी कि इन्होंने स्थानीय निवासियों जैसा दिखने के लिए फर्जी आधार कार्ड, राशन कार्ड और अन्य भारतीय दस्तावेज़ भी बनवा लिए थे।

वर्ष 2023 में, एलआईयू (स्थानीय खुफिया इकाई) और आगरा पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर संयुक्त छापेमारी की थी। इस कार्रवाई में 23 पुरुष, 7 महिलाएं और 8 बच्चों समेत कुल 38 लोगों को गिरफ्तार किया गया था। इन सभी के खिलाफ अवैध प्रवेश और फर्जी दस्तावेज़ों के इस्तेमाल के गंभीर मामले दर्ज किए गए थे। जेल की सजा पूरी होने के बाद, प्रशासन ने इन्हें वापस भेजने की अंतिम प्रक्रिया शुरू कर दी है।

इस डिपोर्टेशन प्रक्रिया को लेकर डीसीपी सिटी सैयद अली अब्बास ने बताया, “कानून का पालन सुनिश्चित किया गया है और अब इन सभी 38 बांग्लादेशी नागरिकों को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के तहत पश्चिम बंगाल ले जाया जाएगा।” पुलिस अधिकारियों के अनुसार, सभी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद इन्हें 13 जनवरी को बीएसएफ (सीमा सुरक्षा बल) के सुपुर्द कर दिया जाएगा, जिसके बाद ये सीमा पार कर बांग्लादेश लौट जाएंगे। इस दौरान पुलिस बल, पुरुष और महिला अधिकारियों की विशेष तैनाती की गई है, और अवयस्क बच्चों को आश्रय गृह से सीधे पश्चिम बंगाल भेजा जाएगा।

अवैध घुसपैठ के खिलाफ यह कार्रवाई सिर्फ 38 लोगों को वापस भेजने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक सख्त संदेश है कि भारत में कानून का पालन सर्वोपरि है और अवैध रूप से रहने वाले विदेशी नागरिकों के खिलाफ भविष्य में भी ऐसी कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।