उत्तर प्रदेश की राजनीति और अपराध जगत से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है। मऊ के विधायक अब्बास अंसारी को गैंगस्टर एक्ट से जुड़े एक मामले में सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। शीर्ष अदालत ने अब्बास अंसारी को नियमित ज़मानत दे दी है।
उच्चतम न्यायालय (SC) ने विधायक अब्बास अंसारी को यह नियमित ज़मानत दी है। यह फैसला अंसारी परिवार के लिए एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम है, क्योंकि वह लंबे समय से जेल में बंद थे। हालांकि, ज़मानत मिलने के बावजूद उन्हें अदालत द्वारा निर्धारित कुछ महत्वपूर्ण शर्तों का पालन सख्ती से करना होगा।
ज़मानत की शर्तें और यात्रा प्रतिबंध:
1. शर्तों का पालन: अब्बास अंसारी को ज़मानत पर रहते हुए उन सभी शर्तों का पालन करना अनिवार्य होगा, जो कोर्ट ने पहले उन्हें अंतरिम ज़मानत देते समय तय की थीं।
2. यूपी से बाहर यात्रा: ज़मानत की शर्तों के तहत, अब्बास अंसारी को उत्तर प्रदेश राज्य से बाहर जाने की अनुमति होगी, लेकिन यह सशर्त है।
3. पूर्व सूचना अनिवार्य: उन्हें यूपी से बाहर यात्रा करने से पहले ट्रायल कोर्ट और स्थानीय पुलिस को इसकी पूरी जानकारी देनी होगी।
4. विवरण देना आवश्यक: यात्रा की जानकारी में उनका वर्तमान कॉन्टैक्ट नंबर (संपर्क सूत्र) और यात्रा के स्थान की पूरी डिटेल शामिल होगी।
सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश के बाद अब अब्बास अंसारी के जेल से बाहर आने का रास्ता साफ हो गया है, बशर्ते वह अन्य मामलों में वांछित न हों।
सुप्रीम कोर्ट का यह निर्णय मऊ विधायक अब्बास अंसारी के लिए कानूनी मोर्चे पर एक बड़ी जीत है, हालांकि उन्हें कोर्ट के दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करना होगा।








