मुंबई का सफर खत्म होने के बाद अब टीम इंडिया का कारवां देश की राजधानी दिल्ली पहुँच चुका है, जहाँ उसका मुकाबला नामीबिया से होना है। मैच से ठीक पहले टीम के भीतर ‘सिलेक्शन’ को लेकर बड़ी हलचल मची हुई है। एक तरफ स्टार गेंदबाज जसप्रीत बुमराह की फिटनेस की खबर राहत लेकर आई है, वहीं अभिषेक शर्मा की अचानक तबीयत खराब होने से टीम मैनेजमेंट की चिंता बढ़ गई है।
नामीबिया के खिलाफ होने वाले अहम लीग मुकाबले से दो दिन पहले, भारतीय टीम ने दिल्ली में अपना पहला अभ्यास सत्र आयोजित किया। इस सत्र में एक प्रमुख खिलाड़ी अनुपस्थित रहा। अभिषेक शर्मा पेट की बीमारी (Stomach illness) के चलते ट्रेनिंग पर नहीं आ सके, जिसके कारण उनके खेलने पर सस्पेंस बना हुआ है। सहायक कोच रयान टेन डोएशेट ने उम्मीद जताई है कि अभिषेक शर्मा मैच तक फिट हो जाएंगे।
अभ्यास सत्र में भारतीय टीम की भावी रणनीति की झलक देखने को मिली। ईशान किशन और संजू सैमसन ने मिलकर तेज़ गेंदबाजों का सामना किया, जिसमें हार्दिक पांड्या और अर्शदीप सिंह शामिल थे। टीम ने नामीबिया के बाएं हाथ के तेज गेंदबाज रुबेन ट्रम्पलमैन की चुनौती से निपटने के लिए एक लंबे कद के बाएं हाथ के नेट बॉलर का विशेष इस्तेमाल भी किया।
इस वक्त टीम में सबसे बड़ी चर्चा संजू सैमसन को लेकर चल रही है। न्यूज़ीलैंड के खिलाफ शानदार फॉर्म दिखाने वाले ईशान किशन की वजह से संजू को ओपनिंग स्लॉट खोना पड़ा था। सहायक कोच रयान टेन डोएशेट ने साफ किया है कि टीम मैनेजमेंट अपने फैसलों में पूरी तरह ईमानदार और पारदर्शी रहा है। हालांकि, संजू ने नेट्स में जबरदस्त तैयारी की है। उन्होंने स्पिनर बर्नार्ड शुल्त्स के खिलाफ आत्मविश्वास दिखाते हुए बेहतरीन शॉट्स लगाए।
टीम इंडिया के लिए सबसे सकारात्मक खबर जसप्रीत बुमराह की वापसी है। बीमारी के चलते 10 दिन तक गेंदबाजी से दूर रहने के बाद बुमराह ने पूरे जोश के साथ करीब 25 मिनट तक गेंदबाजी की और पूरी तरह फिट नज़र आए। बुमराह की वापसी के बाद रिंकू सिंह, शिवम दुबे और हार्दिक पांड्या ने भी नेट्स में जमकर अभ्यास किया। कोच का मानना है कि टूर्नामेंट में आगे बढ़ने के लिए टीम के सभी 15 सदस्य महत्वपूर्ण हैं।
अब टीम इंडिया के सामने सबसे बड़ा सवाल अभिषेक शर्मा की उपलब्धता और उनकी जगह संजू सैमसन को मौका देने का है। फैंस को इंतजार है कि क्या दिल्ली के मैच में टीम मैनेजमेंट बुमराह की वापसी के साथ अपनी पुरानी लय बरकरार रखती है या प्लेइंग-11 में कोई बड़ा बदलाव देखने को मिलता है।









