नवंबर 2023 के बाद टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों से बाहर रहे ईशान किशन की भारतीय टीम में वापसी किसी प्रेरणादायक कहानी से कम नहीं है। कड़ी मेहनत और अपनी कमजोरियों पर सुधार ने उन्हें न केवल टीम में वापस लाया है, बल्कि आज वह टी20 विश्व कप 2026 में भारत के मुख्य ओपनर बन चुके हैं। उनकी यह यात्रा अभ्यास, प्रदर्शन और मजबूत मानसिकता का बेहतरीन उदाहरण है। आइए जानते हैं, कैसे इशान ने अपने करियर को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया।
ईशान किशन की सफलता का सबसे बड़ा कारण उनकी ऑफ-साइड हिटिंग में सुधार है। पहले गेंदबाज उन्हें बाहर की गेंदों से बांध कर रखते थे, लेकिन उन्होंने इसे अपनी ताकत बनाने का फैसला किया।
झारखंड के उनके टीममेट विराट सिंह ने खुलासा किया कि ईशान ने स्पष्ट लक्ष्य बनाया था, “मुझे ऑफ-साइड पर छक्के मारने की क्षमता सुधारनी है।” इसके लिए उन्होंने नेट्स में ऑफ-साइड पर हवाई शॉट्स का लगातार अभ्यास किया।
जनवरी 2025 में, ईशान ने अपने पुराने कोच राजीव कुमार से मुलाकात की, जिन्होंने उनके बैट ग्रिप में बदलाव देखा। कोच राजीव ने उन्हें 2019 वाली पुरानी ग्रिप पर लौटने की सलाह दी, जिससे बैट स्विंग आसान हो गया और वह मैदान के सभी हिस्सों में गेंद मार पा रहे थे। कोच ने बताया कि इशान ने दिल्ली में लाइट के नीचे दो शामें सिर्फ ऑफ-साइड की गेंदों पर अभ्यास करने में बिताईं।
आईपीएल 2025 में सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) के लिए खेलना उनके लिए गेम-चेंजर साबित हुआ। कोच राजीव कुमार ने टिप्पणी की कि ईशान स्वभाव से हाइपरएक्टिव हैं और SRH का माहौल उन्हें खूब रास आया। उन्होंने पहले ही मैच में शतक जड़ा और जोफ्रा आर्चर के खिलाफ एक्स्ट्रा कवर पर छक्का मारकर यह साबित कर दिया कि उनका सुधार काम कर रहा है।
इसके बाद सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में इशान ने झारखंड की कप्तानी की और टीम को चैंपियन बनाया। इस दौरान उन्होंने टीम मीटिंग में कहा था, “हमें चैंपियनशिप जीतनी है, तभी इंडियन टीम में जगह मिलेगी।” उन्होंने 10 पारियों में 57.32 की औसत और 197.33 के स्ट्राइक रेट से 517 रन बनाए, जिसमें फाइनल में हरियाणा के खिलाफ 49 गेंदों पर 101 रन की तूफानी पारी शामिल थी।
शानदार प्रदर्शन के दम पर ईशान ने न्यूजीलैंड सीरीज में कमबैक किया, जहां उन्होंने संजू सैमसन को ओपनिंग से हटाते हुए अपनी जगह पक्की की। तिरुवनंतपुरम में लॉकी फर्ग्यूसन की गेंद पर एक्स्ट्रा कवर पर छक्का जड़कर उन्होंने अपना पहला टी20 अंतरराष्ट्रीय शतक भी पूरा किया। बीसीसीआई ने भी यह साफ किया कि उनका चयन पूरी तरह प्रदर्शन के आधार पर हुआ है।
ईशान किशन की मानसिकता उनकी सफलता की कुंजी है। उनके सीने पर बना टैटू ‘ट्रस्ट योर स्ट्रगल’ (अपने संघर्ष पर भरोसा रखें) यह दर्शाता है कि वह मुश्किल समय में बेहतर बनने की क्षमता रखते हैं। हालांकि, 11 फरवरी 2026 को नेट्स में जसप्रीत बुमराह की यॉर्कर से उनके घुटने में चोट लगी थी, जिसके कारण उनकी मैच फिटनेस पर स्थिति देखी जा रही है। अगर वह नहीं खेल पाए, तो वाशिंगटन सुंदर ओपन कर सकते हैं या संजू सैमसन वापस आ सकते हैं।
ईशान किशन ने साबित कर दिया है कि अगर खिलाड़ी अपनी कमजोरी को पहचान ले और उसे दूर करने के लिए कड़ी मेहनत करे, तो सफलता निश्चित है। भारतीय क्रिकेट जगत अब टी20 विश्व कप में उनकी आक्रामक बल्लेबाजी को देखने के लिए तैयार है, खासकर नामीबिया, पाकिस्तान और नीदरलैंड्स के खिलाफ, जहां उनके ऑफ-साइड शॉट्स महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं।









