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एयर इंडिया ड्रीमलाइनर क्रैश: इटली के अखबार का सनसनीखेज खुलासा, क्या पायलट ने जानबूझकर बंद किए थे इंजन?

एयर इंडिया ड्रीमलाइनर क्रैश

12 जून 2025 को हुए अहमदाबाद एयर इंडिया ड्रीमलाइनर हादसे को देश आज भी भूला नहीं है, जब 260 जिंदगियां पल भर में खत्म हो गई थीं। अब तक इसे महज एक तकनीकी खराबी माना जा रहा था, लेकिन एक प्रमुख इतालवी अखबार ने हाल ही में ऐसा सनसनीखेज खुलासा किया है जिसने पूरे एविएशन जगत को हिलाकर रख दिया है। नई रिपोर्ट के अनुसार, विमान तकनीकी खराबी के कारण नहीं, बल्कि जानबूझकर इंजन बंद किए जाने के कारण क्रैश हुआ था।

अहमदाबाद की वो भयावह सुबह आज भी सबके ज़ेहन में ताज़ा है। एयर इंडिया की फ्लाइट 171, जो एक मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल पर जा गिरी थी, उसमें सवार 241 लोगों समेत कुल 260 लोगों की जान चली गई थी। शुरुआती जांच में इसे इंजन फेलियर बताया गया था, लेकिन अब इतालवी मीडिया ने दावा किया है कि बोइंग 787 ड्रीमलाइनर में कोई तकनीकी खराबी नहीं थी। रिपोर्ट के मुताबिक, नई दिल्ली और वाशिंगटन के बीच हुई उच्च स्तरीय बातचीत में यह बात सामने आई है कि हादसे के समय विमान के दोनों इंजनों के फ्यूल कंट्रोल स्विच को मैन्युअल रूप से यानी हाथ से बंद किया गया था। ब्लैक बॉक्स के डेटा का टेक्निकल असेसमेंट भी यही बताता है कि यह किसी मैकेनिकल फॉल्ट की वजह से नहीं हुआ था।

एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो की वॉयस रिकॉर्डिंग ने इस मामले में एक और सनसनीखेज सच उजागर किया है। कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर (CVR) में एक पायलट को चिल्लाते हुए सुना गया था, “तुमने फ्यूल क्यों बंद किया?” जिस पर दूसरे ने जवाब दिया, “मैंने ऐसा नहीं किया।” रिपोर्ट में मुख्य संदिग्ध कैप्टन सुमित सभरवाल को माना जा रहा है, दावा है कि वे अपने निजी जीवन में भारी तनाव और डिप्रेशन से जूझ रहे थे, जिसके कारण यह मानवीय चूक या जानबूझकर की गई कार्रवाई हुई।

हालांकि, पायलट एसोसिएशन और कैप्टन सुमित के पिता ने डिप्रेशन वाली इस थ्योरी को पूरी तरह से खारिज कर दिया है। उन्होंने इसे बोइंग कंपनी को बचाने और सारा ठीकरा पायलट के सिर फोड़ने की एक अंतरराष्ट्रीय साजिश करार दिया है। इस दावे ने एविएशन सेक्टर में पायलटों की मानसिक स्वास्थ्य (मेंटल हेल्थ) की मॉनिटरिंग और सुरक्षा प्रोटोकॉल पर एक बड़ी बहस छेड़ दी है। इस भयावह हादसे में सिर्फ विश्वासकुमार रमेश ही सुरक्षित बाहर निकल पाए थे।

इटैलियन मीडिया के इस खुलासे ने भारतीय जांच एजेंसियों पर भारी दबाव बढ़ा दिया है। विमानन इतिहास की इस दर्दनाक घटना का अंतिम और आधिकारिक सच DGCA (डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन) की फाइनल रिपोर्ट के बाद ही सामने आएगा।