गाजीपुर में बिजली विभाग के कार्यों में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर अधीक्षण अभियंता (एसई) ने बड़ा और सख्त एक्शन लिया है। हालिया कार्रवाई में, सरकारी योजनाओं, विशेष रूप से बिजली बिल राहत योजना और ओटीएस (एकमुश्त समाधान योजना) के क्रियान्वयन में ढिलाई बरतने पर, कुल 29 अवर अभियंताओं (जेई) को दंडित किया गया है। इस कार्रवाई से पूरे विभाग में हड़कंप मच गया है।
यह कड़ी कार्रवाई अधीक्षण अभियंता विवेक खन्ना ने की है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि उपभोक्ताओं को राहत देने वाली योजनाओं को सफल बनाना हर अधिकारी और कर्मचारी की जिम्मेदारी है, और इसमें कोई भी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
लापरवाही और दंडात्मक कार्रवाई का विवरण:
1. चार्जशीट और इंक्रीमेंट पर रोक: बिजली बिल राहत योजना में लापरवाही बरतने पर चार अवर अभियंताओं के खिलाफ चार्जशीट जारी की गई है। वहीं, एकमुश्त समाधान योजना (ओटीएस) में रुचि न लेने के कारण चार अन्य अवर अभियंताओं का एक साल के लिए इंक्रीमेंट (वेतन वृद्धि) रोक दिया गया है।
2. चेतावनी और निंदा प्रविष्टि: बिजली बिल राहत योजना में रुचि न लेने के लिए 15 अवर अभियंताओं को ‘निंदा प्रविष्टि’ (Censure Entry) दी गई है। इसके अलावा, ट्रांसफार्मरों के रखरखाव और वर्ष 2025-26 में ट्रांसफार्मर जलने की घटनाओं का सही विवरण डिस्कॉम कार्यालय को न देने के आरोप में 18 अभियंताओं को कठोर चेतावनी पत्र जारी किए गए हैं।
3. विवेक खन्ना की चेतावनी: छह अवर अभियंताओं पर मिसलेनियस चार्ज भी लगाए गए हैं। अधीक्षण अभियंता विवेक खन्ना ने इस एक्शन के बाद स्पष्ट चेतावनी दी कि, “सरकार की मंशा उपभोक्ताओं को राहत प्रदान करना है। भविष्य में भी अगर किसी भी योजना के क्रियान्वयन में लापरवाही पाई गई तो और सख्त कार्रवाई की जाएगी।”
अधीक्षण अभियंता के इस निर्णायक कदम ने यह संदेश दिया है कि सरकारी जनकल्याणकारी योजनाओं में किसी भी तरह की ढिलाई स्वीकार्य नहीं होगी, जिससे उपभोक्ताओं को समय पर और सही राहत मिल सके।









