Loading...
  • ... अपडेट हो रहा है
  • ... अपडेट हो रहा है
  • ... अपडेट हो रहा है
24K Gold
Loading...
Silver (1kg)
Loading...
24K Gold
Loading...
ताज़ा ख़बरें
Loading updates...

शराब के लिए पैसे नहीं दिए तो कलयुगी बेटे ने मां को रॉड से पीटकर उतारा मौत के घाट, फतेहपुर में सनसनी

फतेहपुर में शराब के लिए पैसे न देने पर बेटे ने मां को रॉड से पीटकर मार डाला, आरोपी गिरफ्तार।

उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में रिश्तों को शर्मसार कर देने वाली एक बेहद दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां एक बेटे ने शराब पीने के लिए पैसे न मिलने पर गुस्से में आकर अपनी ही मां को बेरहमी से पीटा। लोहे की रॉड से किए गए इस जानलेवा हमले में मां गंभीर रूप से घायल हो गईं, जिनकी इलाज के दौरान कानपुर के हैलट अस्पताल में मौत हो गई। इस वारदात के बाद इलाके में सनसनी फैल गई है।

यह क्रूर घटना मालवा थाना क्षेत्र के बरमतपुर गांव की है। मृतक महिला का नाम माया देवी है, जबकि उनके पति रामचंद्र रैदास मलवा थाने में होमगार्ड के पद पर तैनात हैं। रामचन्द्र रैदास ने पुलिस को बताया कि उनके दो पुत्रों में बड़ा बेटा अरविंद कुमार शराब का आदी है और वह अक्सर नशे में घर आकर पैसों की मांग करता रहता था।

हाल ही में, अरविंद कुमार लगभग शाम 4 बजे नशे की हालत में घर पहुंचा और माया देवी से शराब के लिए पैसे मांगने लगा। जब मां ने पैसे देने से इनकार कर दिया, तो गुस्से में अरविंद ने घर में खड़ी मोटरसाइकिल के सॉकर (रॉड) से अपनी मां पर हमला कर दिया। हमले में माया देवी बुरी तरह लहूलुहान हो गईं। चीखने-चिल्लाने की आवाज सुनकर पड़ोसी मौके पर पहुंचे।

माया देवी के देवर शिव पूजन ने बताया कि रॉड से पीटने के बाद भी अरविंद नशे की हालत में वहीं बैठा रहा और अपनी मां को तड़पता देखता रहा। पड़ोसियों ने उन्हें तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां हालत गंभीर होने के कारण डॉक्टरों ने उन्हें कानपुर हैलट हॉस्पिटल रेफर कर दिया। इलाज के दौरान ही माया देवी की मौत हो गई। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी बेटे अरविंद कुमार को दीवान का पूर्व मोड़ नहर पुलिया से गिरफ्तार कर लिया है। पिता की तहरीर पर आरोपी के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।

एक तरफ जहां यह घटना नशे के गंभीर दुष्प्रभावों को दर्शाती है, वहीं दूसरी ओर इसने समाज में बिगड़ते पारिवारिक संबंधों और हिंसा के बढ़ते चलन पर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं।