उत्तर प्रदेश के बस्ती जनपद में अधिवक्ताओं की सुरक्षा को लेकर एक बड़ा प्रदर्शन देखने को मिला है। जनपद बार एसोसिएशन के नेतृत्व में वकीलों ने हाल ही में मुख्य मार्ग पर उतरकर न केवल प्रदर्शन किया, बल्कि कुछ समय के लिए जाम भी लगा दिया। यह विरोध प्रदर्शन सरकार से तत्काल ‘अधिवक्ता सुरक्षा अधिनियम’ (Advocates Protection Act) लागू करने की मांग को लेकर किया गया है।
वकीलों के अनुसार, यह प्रदर्शन समाज में बढ़ती असुरक्षा की भावना का परिणाम है। उनका कहना है कि हाल के दिनों में अधिवक्ताओं पर हमले और उनकी हत्याओं की घटनाओं में चिंताजनक वृद्धि हुई है, जिससे पूरे अधिवक्ता समाज में भय और असुरक्षा का माहौल बना हुआ है।
वरिष्ठ अधिवक्ता प्रदीप कुमार पांडेय ने प्रदर्शन को संबोधित करते हुए सुरक्षा सुनिश्चित करने की महत्ता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि यदि अधिवक्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं की गई, तो इसका सीधा प्रभाव न्याय व्यवस्था की निष्पक्षता और कार्यप्रणाली पर पड़ सकता है। प्रदीप कुमार पांडेय ने सरकार से यह मांग की है कि अधिवक्ताओं को सुरक्षित वातावरण में कार्य करने का भरोसा दिलाने के लिए यह अधिनियम शीघ्र लागू किया जाए।
प्रदर्शन में शामिल अन्य अधिवक्ताओं का भी स्पष्ट मत था कि न्याय प्रणाली में उनकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है और सुरक्षा के अभाव में उनके लिए स्वतंत्र और निष्पक्ष रूप से कार्य करना कठिन होता जा रहा है। विरोध प्रदर्शन में ज्वार मिश्रा, रवि शंकर शुक्ला, टी.एन. लाल, मीना सिंह, महेश श्रीवास्तव, अमर सिंह, राम प्रसाद चौरसिया, राम प्रशन्न मिश्रा, आनंद श्रीवास्तव, राधेश्याम यादव, संदीप कुमार, गणेश त्रिपाठी, राम यादव, राकेश पांडेय सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे।
आयोजकों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि अधिवक्ताओं की इस प्रमुख मांग पर जल्द ही कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो आने वाले दिनों में यह आंदोलन और भी तेज किया जाएगा।









