उत्तर प्रदेश विधानसभा का माहौल तब गरमा गया जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्यपाल के अभिभाषण पर अपना पक्ष रखा। सीएम योगी ने न केवल अपनी सरकार की सात साल की उपलब्धियां गिनाईं, बल्कि समाजवादी पार्टी के पिछले शासनकाल की याद दिलाकर विपक्ष को पूरी तरह बैकफुट पर धकेल दिया। आइए जानते हैं, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के इस महत्वपूर्ण भाषण की मुख्य बातें, जिसमें उन्होंने सुरक्षा से लेकर अर्थव्यवस्था तक हर मोर्चे पर यूपी के बदलाव को रेखांकित किया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन की शुरुआत समाजवादी पार्टी (सपा) पर तीखा हमला बोलकर की। उन्होंने कहा कि एक दौर था जब यूपी को शक की निगाह से देखा जाता था और विकास की बातें कोसों दूर थीं। उन्होंने एक मशहूर मुहावरे के जरिए तंज कसते हुए कहा— “चेहरे पर धूल थी और ये आईना साफ करते रहे।” उनका स्पष्ट इशारा था कि पिछली सरकारें अपनी समस्याओं को सुधारने के बजाय व्यवस्था पर दोष मढ़ती रहीं।
सुरक्षा और ‘ट्रिपल-T’ मॉडल
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 2017 से पहले के उत्तर प्रदेश के हालात का जिक्र करते हुए दावा किया कि उस समय माफिया और अपराधी ‘समानांतर सरकार’ चलाते थे। व्यापारी अपना कारोबार समेट रहे थे और आम जनता असुरक्षित महसूस करती थी।
उन्होंने कहा कि आज उत्तर प्रदेश की तस्वीर पूरी तरह बदल चुकी है। उन्होंने गर्व से घोषणा की, “अब यूपी में ना कर्फ्यू है, ना दंगा है… यहाँ तो सब चंगा है।” उन्होंने प्रदेश के विकास मॉडल को ‘Triple-T’ का नाम दिया, जिसका अर्थ है: Technology (प्रौद्योगिकी), Trust (भरोसा) और Transformation (परिवर्तन)। उन्होंने जोर देकर कहा कि यूपी अब ‘बीमारू राज्य’ नहीं रहा, बल्कि तेज विकास वाला प्रदेश बन गया है, जो ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर चल रहा है।
सांस्कृतिक पुनर्जागरण और विपक्ष पर प्रहार
सीएम योगी ने धार्मिक और सांस्कृतिक पुनर्जागरण को भी विकास से जोड़ा। उन्होंने कहा कि आज यूपी ‘उपद्रव’ का नहीं बल्कि ‘उत्सव’ का प्रदेश है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि कैसे अयोध्या और प्रयागराज में उमड़ने वाली करोड़ों की भीड़ कानून-व्यवस्था में लोगों के भरोसे को दर्शाती है। उन्होंने बताया कि किस तरह ‘टेंपल इकोनॉमी’ अब विकास का एक बड़ा इंजन बन चुकी है।
मुख्यमंत्री ने विपक्ष के आचरण पर भी दुख जताया। उन्होंने कहा कि विपक्ष का व्यवहार हमेशा सदन की मर्यादा को चोट पहुँचाने वाला रहा है, विशेषकर मातृशक्ति के मुद्दे पर विपक्ष का आचरण दुर्भाग्यपूर्ण रहा, जबकि सनातन धर्म में माँ का स्थान सबसे ऊपर है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के इस भाषण ने साफ कर दिया है कि उनकी सरकार आगामी राजनीतिक चुनौतियों के लिए ‘विकास, सुरक्षा और सुशासन’ के मुद्दे पर कोई समझौता नहीं करने वाली है। सामूहिक प्रयासों के दम पर यूपी आज दुनिया को नई दिशा दिखा रहा है।









