यूपी में दूध और डेयरी उत्पादों पर बड़े अभियान के तहत 489 जगह छापेमारी कर 658 नमूने जांच के लिए भेजे गए और 9.72 करोड़ रुपये का खाद्य सामान जब्त किया गया।
उत्तर प्रदेश में दूध और डेयरी उत्पादों में मिलावट रोकने के लिए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने राज्यभर में बड़ा अभियान चलाया। इस विशेष अभियान के दौरान दूध, घी, पनीर, खोया, दही और स्किम्ड मिल्क पाउडर बनाने वाली फैक्ट्रियों, डेयरियों, थोक गोदामों और बल्क मिल्क चिलिंग सेंटरों पर अचानक छापेमारी की गई, इस कार्रवाई का मकसद लोगों तक सुरक्षित और शुद्ध खाद्य पदार्थ पहुंचाना तथा मिलावटखोरी पर सख्त कार्रवाई करना था। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने खाद्य सुरक्षा मानकों, स्वच्छता, पैकेजिंग, लेबलिंग और कच्चे माल की गुणवत्ता की भी जांच की।
489 प्रतिष्ठानों पर छापे, 658 नमूने जांच के लिए भेजे
प्रदेशव्यापी अभियान के दौरान कुल 489 प्रतिष्ठानों पर छापेमारी की गई। इस दौरान 658 खाद्य नमूने एकत्र कर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए, कार्रवाई के दौरान 1,398.42 क्विंटल खाद्य पदार्थ जब्त किए गए, जिनकी अनुमानित कीमत 9.72 करोड़ रुपये से अधिक बताई गई है। वहीं, अस्वच्छ परिस्थितियों में रखे गए और मानव उपभोग के लिए अनुपयुक्त पाए गए 122.888 क्विंटल खाद्य पदार्थ, जिनकी कीमत करीब 21.85 लाख रुपये थी, उन्हें नष्ट करा दिया गया।
कानपुर देहात में 9.45 करोड़ रुपये का घी सीज
सबसे बड़ी कार्रवाई कानपुर देहात में की गई, जहां भोले बाबा मिल्क फूड्स इंडस्ट्रीज में लेबलिंग और पैकेजिंग नियमों के उल्लंघन पर 1,31,175 किलोग्राम घी सीज किया गया। जब्त घी की अनुमानित कीमत 9.45 करोड़ रुपये बताई गई है। यहां से जांच के लिए 13 नमूने भी लिए गए।
कई जिलों में हुई सख्त कार्रवाई
बागपत में मेरठ और गाजियाबाद से आने वाले वाहनों की जांच के दौरान अस्वच्छ हालत में रखी गई क्रीम और पनीर मिलने पर 820 किलोग्राम खाद्य पदार्थ नष्ट कर दिए गए, आगरा में कैंट रेलवे स्टेशन के पास लावारिस हालत में मिले 4,000 किलोग्राम खोया को जब्त कर नष्ट किया गया, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 9 लाख रुपये थी, फिरोजाबाद में पनीर और घी बनाने वाली इकाइयों से 510 किलोग्राम घी और 250 किलोग्राम पनीर जब्त किया गया, गौतमबुद्ध नगर में 300 किलोग्राम पनीर नष्ट कराया गया, जबकि गाजियाबाद में करीब 4,050 किलोग्राम खाद्य पदार्थ जब्त किए गए।
मथुरा की डेयरी का लाइसेंस निलंबित
मथुरा में एक डेयरी से पनीर और दूध के नमूने लेने के दौरान 1,200 किलोग्राम पनीर और 3,000 लीटर दूध अस्वच्छ स्थिति में मिला। विभाग ने इन्हें नष्ट कराने के साथ डेयरी का लाइसेंस भी निलंबित कर उत्पादन बंद करा दिया, मेरठ, मुजफ्फरनगर और अमरोहा में भी घी, बटर, मावा और स्किम्ड मिल्क पाउडर के नमूने लिए गए। अमरोहा में मिथ्याछाप (Misbranded) स्किम्ड मिल्क पाउडर की बड़ी खेप भी जब्त की गई।
मिलावट खोरों पर जारी रहेगी कार्रवाई
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की सचिव एवं आयुक्त रोशन जैकब ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि मिलावटखोरी और खाद्य सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई जारी रखी जाए, साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि अभियान के दौरान छोटे दुकानदारों और फुटकर विक्रेताओं का अनावश्यक उत्पीड़न न हो तथा केवल नियमों का उल्लंघन करने वाले कारोबारियों के खिलाफ ही कार्रवाई की जाए।
विभाग का कहना है कि प्रदेशवासियों को शुद्ध और सुरक्षित खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने के लिए ऐसे विशेष अभियान आगे भी लगातार चलाए जाएंगे, जांच रिपोर्ट आने के बाद जिन नमूनों में मिलावट या गुणवत्ता में कमी मिलेगी, उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।


