आगरा में रिश्तों को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक महिला ने पति की हत्या कर शव को बाथरूम में दफना दिया, ऊपर नई फर्श बनवाकर 45 दिन तक परिवार और पुलिस को गुमराह किया।
उत्तर प्रदेश के आगरा से एक ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है जिसने हर किसी को हैरान कर दिया, जहाँ एक महिला ने अपने पति की कथित तौर पर हत्या कर दी और शव को घर के बाथरूम में दफना दिया, इतना ही नहीं, उसने ऊपर नई फर्श भी बनवा दी और करीब 45 दिनों तक उसी बाथरूम का सामान्य तरीके से इस्तेमाल करती रही और वो पुलिस जांच में भी शामिल होती रही, पति की तलाश का नाटक करती रही और परिवार के सामने रो-रोकर खुद को बेगुनाह साबित करने की कोशिश करती रही, आखिरकार जब उसके जेठ को उसके व्यवहार पर शक हुआ, जिसके बाद पूरे हत्याकांड का खुलासा हुआ।
45 दिन तक चलता रहा धोखे का खेल
मामला आगरा के सिकंदरा थाना क्षेत्र स्थित दहतोरा की रेणुका धाम कॉलोनी का है, मूल रूप से राजस्थान के भरतपुर निवासी 44 वर्षीय सुरेंद्र कुमार शर्मा अपनी पत्नी रूबी, दो बेटियों और बुजुर्ग मां के साथ यहां रहते थे, उनकी शादी वर्ष 2010 में इटावा निवासी रूबी से हुई थी, दोनों की 13 वर्षीय रिद्धी और 9 वर्षीय सिद्धी नाम की दो बेटियां हैं, सुरेंद्र की मां कमला भी उनके साथ रहती थीं, जिन्हें आंखों से कम दिखाई देता है, घरवालो के मुताबिक पति-पत्नी के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था, लेकिन किसी ने भी नहीं सोचा था कि यह विवाद एक दिन इतनी भयावह घटना का रूप ले लेगा।
पहले बच्चों और सास को घर से हटाया
जांच के अनुसार, 17 मई की रात रूबी ने अपने पति को खीर में 18 से अधिक नींद की गोलियां मिलाकर खिला दीं, महिला का दावा है कि सुरेंद्र शराब पीता था और अक्सर उसके साथ मारपीट करता था, अगली सुबह जब उसने देखा कि पति की मौत हो चुकी है तो उसने शव को ठिकाने लगाने की योजना बनाई, सबसे पहले उसने अपने जेठ अनिल शर्मा को फोन किया और कहा कि घर में कोई पुलिस संबंधी मामला हो गया है, उसने अनुरोध किया कि वह तुरंत आगरा आएं और उसकी सास तथा दोनों बच्चों को अपने साथ राजस्थान ले जाएं, खास बात यह रही कि उसने जेठ को घर के अंदर आने तक नहीं दिया, उसने बच्चों और सास को घर से लगभग 100 मीटर दूर एक दुकान के पास बैठा दिया और वहीं से उन्हें ले जाने को कहा, जब घर पूरी तरह खाली हो गया तब रूबी ने अकेले ही शव को कमरे से घसीटकर बाथरूम तक पहुंचाया, इसके बाद उसने फावड़े से गड्ढा खोदा और पति के शव को उसमें दफना दिया, पुलिस के अनुसार, इस पूरी प्रक्रिया में करीब एक घंटे का समय लगा, शव दफनाने के बाद उसने किसी को भनक तक नहीं लगने दी, इसके बाद उसने परिवार वालों को बताया कि सुरेंद्र उससे झगड़ा कर 5 हजार रुपये लेकर कहीं चले गए हैं और दो-तीन दिन में फोन करेंगे, कुछ समय बाद वह खुद भी राजस्थान चली गई ताकि किसी को उस पर शक न हो।
आठ दिन बाद लौटकर बनवा दी नई फर्श
करीब आठ दिन बाद रूबी वापस आगरा लौटी, उसने मजदूर बुलाकर बाथरूम में नई फर्श बनवा दी ताकि नीचे दफन शव के बारे में किसी को कोई संदेह न हो, इसके बाद वह बिल्कुल सामान्य जिंदगी जीती रही, बताया जा रहा है कि वह उसी बाथरूम में रोजाना नहाती भी रही।
पुलिस के साथ पति को खोजती रही
जब कई दिनों तक सुरेंद्र का कोई पता नहीं चला तो 26 मई को उनके बड़े भाई अनिल शर्मा ने गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई, इसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की, इस दौरान रूबी भी पुलिस के साथ मिलकर पति की तलाश करती रही, पुलिस के साथ मिलकर CCTV देखना और उनके सवालो का जवाब देना, और बीच बीच में रो रोकर खुद को परेशानी में दिखने का नाटक करती रही. उसके इस व्यवहार से शुरुआत में किसी को शक नहीं हुआ, लेकिन समय बीतने के साथ उसके जेठ को उसके व्यवहार में असामान्यता महसूस होने लगी।
जेठ को हुआ शक, सामने आया सच
करीब 45 दिन बाद अनिल शर्मा ने रूबी से अकेले में बात की, उन्होंने उससे कहा कि यदि कोई परेशानी है तो वह खुलकर बताए, उन्होंने भरोसा दिलाया कि अगर वह किसी मुसीबत में फंस गई है तो परिवार उसका साथ देगा, बताया जा रहा है कि इसी बातचीत के दौरान रूबी टूट गई और उसने स्वीकार कर लिया कि उसने ही अपने पति की हत्या की है और शव को बाथरूम में दफना दिया है।
फर्श तोड़ी गई तो मिला सिर्फ कंकाल
शुक्रवार दोपहर सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची, मजदूर बुलाकर बाथरूम की फर्श तुड़वाई गई, करीब 20 मिनट तक फर्श तोड़ने और गड्ढा खोदने के बाद पुलिस को वहां इंसान का कंकाल मिला, क्योंकि लाश करीब 45 दिन पुराना था, इसलिए वह पूरी तरह गल चुका था और वहां केवल कंकाल ही बचा था, पुलिस ने कंकाल को कब्जे में लेकर फोरेंसिक जांच के लिए भेज दिया, अधिकारियों के अनुसार, पोस्टमार्टम के बजाय अब वैज्ञानिक और डीएनए जांच के जरिए मौत के कारणों और अन्य तथ्यों की पुष्टि की जाएगी, इसके लिए विशेषज्ञों की टीम गठित की गई है।
महिला ने पुलिस को क्या बताया?
पूछताछ में रूबी ने दावा किया कि उसका पति शराब का आदी था और आए दिन उसके साथ मारपीट करता था, लगातार घरेलू हिंसा से परेशान होकर उसने हत्या की योजना बनाई, उसने बताया कि 17 मई की रात उसने खीर में 18 से अधिक नींद की गोलियां मिलाकर पति को खिला दीं, अगली सुबह जब उसकी मौत हो गई तो घबराकर उसने शव को बाथरूम में दफना दिया।
हालांकि पुलिस यह भी जांच कर रही है कि केवल नींद की गोलियों से मौत हुई या हत्या के पीछे कोई अन्य तरीका भी अपनाया गया था, फोरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद ही इस बारे में स्पष्ट जानकारी मिल सकेगी।
पुलिस कर रही हर पहलू की जांच
एसीपी अमीषा सिंह ने बताया कि 26 मई को सुरेंद्र शर्मा की गुमशुदगी दर्ज हुई थी, जांच के दौरान मिले तथ्यों और आरोपी महिला के बयान के आधार पर यह स्पष्ट हुआ कि हत्या उसी ने की थी, फिलहाल उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है, पुलिस इस चीज़ की जांच कर रही कि क्या इस पूरे घटनाक्रम में किसी अन्य व्यक्ति की भी भूमिका थी या महिला ने अकेले ही पूरी वारदात को अंजाम दिया, मजदूरों से भी पूछताछ की जाएगी, जिन्होंने बाथरूम में नई फर्श बनाई थी, ताकि यह पता लगाया जा सके कि उस समय उन्हें किसी तरह का संदेह हुआ था या नहीं।
पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले
हाल के वर्षों में शव को घर के अंदर छिपाने के कई सनसनीखेज मामले सामने आए हैं, इसी साल मेरठ में मर्चेंट नेवी के पूर्व अधिकारी सौरभ कुमार राजपूत की हत्या के मामले ने भी पूरे देश को झकझोर दिया था, उस मामले में उनकी पत्नी मुस्कान रस्तोगी और उसके साथी पर हत्या के बाद शव के टुकड़े कर ड्रम में सीमेंट भरकर छिपाने का आरोप लगा था।
आगरा का यह मामला भी उसी तरह का एक गंभीर अपराध माना जा रहा है, जिसमें आरोपी ने कथित तौर पर हत्या के बाद लंबे समय तक सबूत छिपाने और पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की, अब पुलिस फोरेंसिक रिपोर्ट, तकनीकी साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ रही है, ताकि अदालत में मजबूत साक्ष्यों के साथ आरोपपत्र पेश किया जा सके।


