नई दिल्ली: जंतर-मंतर पर शनिवार को उस समय हंगामा मच गया, जब एक महिला ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके पर स्याही फेंक दी. घटना के वक्त दीपके मंच से प्रदर्शनकारियों को संबोधित कर रहे थे. स्याही उनके चेहरे और हाथों पर फैल गई, जिसके बाद मौके पर कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया. इस घटना के बाद दीपके ने नाराजगी जताने के बजाय इसे सहजता से लिया और कहा कि नीला रंग उनका पसंदीदा रंग है. उन्होंने मंच से ‘जय भीम’ का नारा भी लगाया.
मंच पर भाषण के दौरान हुई घटना
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अभिजीत दीपके जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों को संबोधित कर रहे थे. इसी दौरान एक महिला उनके करीब पहुंची और लगातार तीन बार उन पर स्याही फेंक दी. स्याही उनके चेहरे और हाथों पर फैल गई.
घटना के तुरंत बाद वहां मौजूद समर्थकों ने महिला को पकड़ लिया. दीपके ने समर्थकों से महिला के साथ मारपीट न करने की अपील की, लेकिन कुछ लोगों ने उसके साथ धक्का-मुक्की की. इस दौरान महिला की ओर जूता भी फेंका गया. मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने हस्तक्षेप कर महिला को हिरासत में ले लिया.
महिला से पूछताछ जारी
समाचार लिखे जाने तक महिला की पहचान सार्वजनिक नहीं की गई थी और न ही उसके स्याही फेंकने के पीछे की वजह स्पष्ट हो सकी थी. पुलिस उससे पूछताछ कर रही है और पूरे मामले की जांच जारी है.
घटना के बाद भी जारी रखा संबोधन
स्याही फेंके जाने के बावजूद अभिजीत दीपके कुछ देर बाद दोबारा मंच पर पहुंचे और अपना संबोधन जारी रखा. उन्होंने सोशल मीडिया पर घटना का वीडियो साझा करते हुए लिखा, “नीला मेरा रंग है, जय भीम।” उनकी यह प्रतिक्रिया सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बनी हुई है.
वांगचुक के अस्पताल पहुंचने के बाद दीपके ने शुरू किया अनशन
जंतर-मंतर पर चल रहे आंदोलन के दौरान शनिवार सुबह पुलिस ने स्वास्थ्य कारणों से सोनम वांगचुक को अस्पताल पहुंचाया. इसके बाद अभिजीत दीपके ने घोषणा की कि अब वे अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठेंगे. गौरतलब है कि कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) NEET परीक्षा में कथित गड़बड़ियों के विरोध में पिछले करीब एक महीने से जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रही है. पार्टी ने 20 जुलाई को संसद मार्च का भी ऐलान किया है. हालांकि, सोनम वांगचुक के अस्पताल में भर्ती होने के बाद यह स्पष्ट नहीं है कि वह इस मार्च में शामिल हो पाएंगे या नहीं.