लखनऊ: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले बहुजन समाज पार्टी (BSP) में एक बार फिर बड़ा संगठनात्मक बदलाव हुआ है। बसपा प्रमुख मायावती ने अपने भतीजे आकाश आनंद की पार्टी में वापसी का ऐलान करते हुए उन्हें दोबारा राष्ट्रीय संयोजक की जिम्मेदारी दी है। मायावती ने कहा कि पार्टी और बहुजन आंदोलन के हित में विचार-विमर्श के बाद आकाश आनंद को फिर से काम करने का मौका देने का फैसला किया गया है।
आकाश आनंद को सितंबर में पार्टी की जिम्मेदारियों से मुक्त कर दिया गया था। इसके बाद उन्हें पार्टी से अलग करने का फैसला लिया गया था। हाल ही में आकाश आनंद ने सोशल मीडिया के जरिए मायावती से माफी मांगी थी। अब मायावती के ताजा फैसले के साथ उनकी पार्टी में वापसी को लेकर चल रही अटकलों पर विराम लग गया है।
मायावती ने आकाश आनंद के बदलाव का किया जिक्र
मायावती ने कहा कि आकाश आनंद के व्यक्तित्व में काफी हद तक सकारात्मकता रही है, लेकिन पिछले कुछ समय में कुछ परिस्थितियों के कारण पार्टी को आवश्यक संगठनात्मक कदम उठाने पड़े। उन्होंने आकाश आनंद के ससुर अशोक सिद्धार्थ के राजनीति से संन्यास लेने का भी जिक्र किया।
मायावती के मुताबिक, इन घटनाक्रमों के बाद आकाश आनंद के व्यक्तित्व और कार्यशैली में बदलाव देखने को मिला है। आकाश की ओर से सोशल मीडिया पर की गई अपील को भी उन्होंने महत्वपूर्ण बताया।
ईशान आनंद को लेकर मायावती ने क्या कहा?
आकाश आनंद की वापसी के साथ सबसे बड़ा सवाल उनके छोटे भाई ईशान आनंद की भूमिका को लेकर था। मायावती ने इस पर भी स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने ईशान की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने पार्टी के प्रति अपनी मिशनरी भावना का प्रदर्शन किया है।मायावती के मुताबिक, ईशान आनंद बिना किसी पद के भी पार्टी में उनके दिशा-निर्देशन में सौंपे गए काम को ईमानदारी और निष्ठा से करते रहेंगे। उन्होंने यह भी बताया कि आकाश आनंद को दोबारा राष्ट्रीय संयोजक बनाए जाने के फैसले पर ईशान और आकाश के पिता की सहमति भी थी। यानी फिलहाल आकाश आनंद को संगठन में औपचारिक जिम्मेदारी मिली है, जबकि ईशान आनंद को कोई पद दिए जाने की घोषणा नहीं हुई है। मायावती ने उनके पार्टी के लिए बिना पद के काम करने की बात कही है।
परिवारवाद पर भी मायावती ने दिया संदेश
आकाश आनंद को फिर से जिम्मेदारी देने के साथ मायावती ने परिवारवाद को लेकर भी अपना रुख स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि बहुजन समाज ही उनका विराट परिवार है और बहुजन समाज का हित उनके लिए सर्वोपरि है। मायावती ने कहा कि पार्टी में अनुशासन बनाए रखने के लिए उन्होंने पिछले दिनों कई सख्त फैसले लिए, जिनमें उनके भाई-बहन और परिवार के लोग भी शामिल रहे हैं। उनका कहना है कि पार्टी संगठन में बार-बार बदलाव की स्थिति नहीं आनी चाहिए और आगे सब कुछ सुचारू रूप से चलना चाहिए।
2027 चुनाव की तैयारी पर जोर
मायावती ने कहा कि BSP उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों में जुटी हुई है। उन्होंने बाबासाहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर और कांशीराम के संघर्ष और विचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि पार्टी इन्हीं आदर्शों के आधार पर आगे बढ़ रही है।आकाश आनंद को दोबारा राष्ट्रीय संयोजक की जिम्मेदारी मिलने के बाद अब उनकी भूमिका आगामी चुनावी तैयारियों में अहम रहने वाली है। हालांकि, मायावती ने यह भी स्पष्ट किया कि पार्टी में आगे की स्थिति काफी हद तक आकाश आनंद के आचरण और कार्यशैली पर निर्भर करेगी।