UP Politics: उत्तर प्रदेश की सियासत में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले हलचल तेज हो गई है। बहुजन समाज पार्टी (BSP) प्रमुख मायावती ने अपने भतीजे आकाश आनंद को पार्टी की बड़ी जिम्मेदारियों से हटा दिया है। अब बीजेपी की सहयोगी निषाद पार्टी के अध्यक्ष और यूपी सरकार में मंत्री संजय निषाद ने आकाश आनंद को अपनी पार्टी में शामिल होने का खुला ऑफर दिया है। उन्होंने कहा कि आकाश आनंद निषाद पार्टी में आते हैं तो उन्हें उचित पद और सम्मान दिया जाएगा।
मायावती ने आकाश आनंद से छीनी बड़ी जिम्मेदारी
दरअसल, मायावती ने गुरुवार को लखनऊ में हुई पार्टी की बैठक के दौरान आकाश आनंद को फिलहाल किसी बड़ी जिम्मेदारी से दूर रखने का फैसला किया। मायावती ने कहा कि आकाश को अभी और राजनीतिक परिपक्वता हासिल करने की जरूरत है। अब वह पार्टी में एक सामान्य कार्यकर्ता की तरह काम करेंगे।
मायावती का यह फैसला ऐसे वक्त आया है, जब आकाश आनंद हाल ही में उत्तर प्रदेश में BSP के चुनावी अभियान को आगे बढ़ाने में सक्रिय हुए थे। उन्होंने अगस्त में सादाबाद से चुनावी सभाओं की शुरुआत की थी और पार्टी उम्मीदवारों के नामों का ऐलान भी किया था।
संजय निषाद ने दिया आकाश आनंद को ऑफर
मायावती के फैसले के अगले ही दिन संजय निषाद ने आकाश आनंद को अपनी पार्टी में आने का न्योता दिया। उन्होंने कहा कि आकाश आनंद अगर निषाद पार्टी में आते हैं तो उन्हें उनकी पसंद का पद और पूरा सम्मान दिया जाएगा।
संजय निषाद ने कहा, “मैं आकाश आनंद से गुजारिश करना चाहता हूं कि वे सोच-समझकर फैसला लें। हमारी पार्टी में आएं, उन्हें उचित पद और सम्मान दिया जाएगा। युवा आएंगे तभी उनका भविष्य बनेगा।”
‘जिधर जवानी चलती है, उधर जमाना चलता है’
संजय निषाद ने युवाओं की राजनीतिक भागीदारी पर जोर देते हुए कहा, “एक कहावत है, जिधर जवानी चलती है, उधर जमाना चलता है। युवाओं को आगे लाना ही हमारी प्राथमिकता है। युवाओं को अवसर मिलेगा, तभी वे आगे बढ़ेंगे और बदलाव ला पाएंगे।”
उन्होंने आकाश आनंद को लेकर कहा कि युवा नेताओं को काम करने का मौका मिलना चाहिए, क्योंकि अनुभव काम करने से ही आता है। इस दौरान उन्होंने आकाश को निषाद पार्टी में बड़ी भूमिका मिलने के संकेत भी दिए।
अंबेडकर-कांशीराम की विचारधारा का दिया हवाला
संजय निषाद ने अपने ऑफर को बहुजन राजनीति और सामाजिक न्याय की विचारधारा से भी जोड़ा। उन्होंने कहा, “निषाद पार्टी अंबेडकर और कांशीराम की विचारधारा पर आगे बढ़ रही है। हमारा उद्देश्य वंचित और पिछड़े समुदायों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना है।”
क्या आकाश आनंद बदलेंगे सियासी रास्ता?
संजय निषाद के इस खुले ऑफर के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि आकाश आनंद अब क्या कदम उठाते हैं। फिलहाल वह BSP में बने हुए हैं और मायावती ने उन्हें पार्टी में काम करने की अनुमति दी है, लेकिन कोई बड़ी जिम्मेदारी नहीं दी गई है।
ऐसे में 2027 के यूपी विधानसभा चुनाव से पहले आकाश आनंद को लेकर सियासी अटकलें तेज हो गई हैं। अगर वह निषाद पार्टी के ऑफर पर कोई फैसला लेते हैं, तो इसका असर यूपी की बहुजन राजनीति और चुनावी समीकरणों पर पड़ सकता है।